रैगिंग की सजा, चलाओ एंटी-रैगिंग कैंपेन

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Wednesday, December 11, 2013-10:30 PM

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने रैगिंग के खिलाफ दर्ज एक मामले को रद्द करते हुए आदेश दिया है कि आरोपी उसी कालेज में एंटी-रैगिंग कैंपेन चलाए और छात्रों को रैगिंग के दुष्परिणाम के बारे में जागरूक करे।

लगभग 11 साल पहले एक छात्र ने दिल्ली विवि के रामजस कॅालेज में नए छात्रों से रैगिंग की थी। न्यायमूर्ति जे.आर.मिढ़ा ने आरोपी छात्र सुधीर कुमार शर्मा के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करते हुए कहा कि आरोपी का शिकायतकर्ता छात्र से समझौता हो चुका है। ऐसे में समाज में शांति बनाए रखने व न्याय के हित में यही होगा कि उसके खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करने का आदेश दे दिया जाए।

न्यायालय ने कहा कि चूंकि छात्र ने गलती की है। इसलिए उसे दो सप्ताह के अंदर एक यूनिट खून दान करना होगा। इसके लिए अलावा उसे पंद्रह हजार रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराने होंगे। यह पैसा उत्तराखंड में आई आपदी के पीड़ितों को पुनस्थापित करने में प्रयोग किया जाएगा।

न्यायालय ने कहा कि छात्र रैगिंग में शामिल रहा था। इसलिए वह उसी कॅालेज में एक सप्ताह तक एंटी-रैगिंग कैंपेन चलाए। इस कैंपेन के दौरान छात्रों को रैगिंग के दुष्परिणामों के बारे में सूचित किया जाए। साथ ही यह बताया जाए कि नए छात्रों की मनोदशा पर रैगिंग का क्या बुरा प्रभाव पड़ता है और किस तरह छात्र आत्महत्या तक करने का कदम उठा लेते हैं। इतना ही नहीं रैङ्क्षगंग के संबंध में बने कानून के बारे में भी छात्रों को जागरूक किया जाए,ताकि वह इस तरह की हरकत भविष्य में न करें।
 


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