SC के फैसले पर उमर ने कहा, जीवनशैली की पसंद अवैध नहीं हो सकती

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Thursday, December 12, 2013-10:11 AM

श्रीनगर: आईपीसी की धारा 377 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने के उच्चतम न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आज कहा कि जीवनशैली की पसंद अवैध नहीं हो सकती। उमर ने ट्विटर पर लिखा, ‘एलजीबीटी जीवनशैली पसंदों के संबंध में अपनी धार्मिक, नैतिक मान्यताओं के आधार पर लोग कोई भी रख अपना सकते हैं लेकिन इसे अवैध बताना क्या गलत नहीं है।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह नैतिकता या धर्म का सवाल नहीं है बल्कि एक जीवनशैली की पसंद है जो अवैध नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, ‘नैतिकता या धर्म का मुद्दा नहीं है। जीवनशैली की पसंद कैसे अवैध हो सकती है। न्यायालय समानता के लिए लाल बत्ती हटाता है लेकिन 377 अब भी नहीं।’ उच्चतम न्यायालय ने समलैंगिक यौन संबंधों को अपराध बताने वाले दंडात्मक प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को आज बरकरार रखा। इस अपराध के लिए आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।

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