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सैंकड़ों डॉक्टरों का भविष्य दांव पर

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Thursday, December 12, 2013-6:47 PM

नई दिल्ली : अपनी कार्यशैली के लिए पूरे देश में मशहूर संघ लोक सेवा आयोग (यू.पी.एस.सी.) की एक लापरवाही ने देश भर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की भविष्य दांव पर लगा दिया है।

विभाग की लापरवाही से ग्रेड ए की नौकरी करने की इच्छा रखने वाले डॉक्टरों की उम्मीदों को न केवल झटका लगा है बल्कि कुछ ऐसे भी डॉक्टर हैं,जो इस साल अब नौकरी की दौड़ से ही बाहर हो गए हैं।

यूपीएससी ने देशभर के सरकारी अस्पतालों में सहायक विशेषज्ञ डॉक्टर ग्रेड ए के लिए 100 से अधिक पदों के लिए डॉक्टरों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे। यू.पी.एस.सी. के पास कई सौ डॉक्टरों के आवेदन आए। इस पर यू.पी.एस.सी. ने आवेदक डॉक्टरों से 30 नवम्बर तक अपने सभी दस्तावेज जमा करवाने के लिए नोटिस जारी किया , लेकिन इसके लिए जो पत्र यू.पी.एस.सी. की ओर से आवेदक डॉक्टरों को भेजा गया था, वह 26 नवम्बर को पोस्ट किया गया।

ऐसे में स्पीड पोस्ट द्वारा भेजा गया यह नोटिस दो दिन बाद 28 नवम्बर की शाम को बिहार के एक आवेदक के पास पहुंचा। इसी तरह पश्चिम बंगाल, केरल व अन्य दूर-दराज के राज्यों में रहने वाले आवेदकों के लिए यह नोटिस 30 नवम्बर के बाद भी नहीं पहुंचा। दूरदराज के राज्यों में रहने वाले डॉक्टरों को विभाग की लापरवाही का खमियाजा भुगतना पड़ा क्योंकि समय रहते यह पत्र उन तक नहीं पहुंच सका और वह दस्तावेज जमा नही कर सके।

नौकरी की दौड़ से बाहर हुए डॉक्टर :
बाहरी राज्यों में रहने वाले डॉक्टरों को दस्तावेज जमा कराने के लिए विभाग की ओर से भेजा गया पत्र न मिलने के कारण से डॉक्टर अपने दस्तावेज जमा नहीं करा पाए। ऐसे में दस्तावेज जमा न होने की स्थिति में आवेदक डॉक्टर नौकरी की दौड़ से ही बाहर हो गए हैं।

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