राज्यसभा सोमवार तक के लिए स्थगित

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Friday, December 13, 2013-3:53 PM

नई दिल्ली: आज राज्यसभा में लोकपाल बिल पेश तो हो गया लेकिन उस पर चर्चा नहीं हो पाई क्योंकि हंगामे के चलते राज्यसभा कार्यवाही सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले राज्यसभा कार्यवाही दो बार स्थगित की गई। 2.30 दोबार कार्यवाही शुरू करने पर भी सदन में काफी हंगामा हुआ और लोकपाल पर चर्चा नहीं हो सकी।

वहीं सरकार ने गुरुवार को कहा था कि विधेयक पारित कराना उसकी ‘‘दिली तमन्ना’’ है। संसद भवन में केंद्रीय मंत्रीय हरीश रावत ने संवाददाताओं से कहा था, ‘‘राज्यसभा में इसके लिए सोमवार का दिन तय किया गया है...यह हमारी दिली तमन्ना है कि लोकपाल विधेयक पारित हो। हमने इसे इसी सत्र में सूची में शामिल किया है जो इसका स्पष्ट संकेत है।’’ इससे पहले संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने कहा कि सरकार आज इसे राज्यसभा में कार्यसूची में शामिल करेगी क्योंकि यह ‘‘प्राथमिकता’’ है।

 

संसद के एक सूत्र ने कहा कि आज का दिन सदस्यों के निजी विधेयकों के लिए सुरक्षित है इसलिए विधेयक अब सोमवार को सदन में आएगा और इसके लिए छह घंटे का समय आवंटित किया गया है। कांग्रेस ने भाजपा नेता अरुण जेटली के इन आरोपों को भी खारिज कर दिया कि संप्रग सरकार लोकपाल सहित महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने को इच्छुक नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ दोस्त जो अपनी पार्टी के महत्वपूर्ण नेता हैं, उन्होंने ऐसी छवि बनाई है कि सरकार विधायी कार्यों के लिए इच्छुक नहीं है... मैं इससे इंकार करता हूं। तथ्य कुछ और कहते हैं। हमें समर्थन नहीं मिल रहा है जो हमें मिलना चाहिए...।’’

 

उन्होंने कहा, ‘‘संसद में माहौल (काम का) बनाने में सत्तारूढ़ और विपक्षी दोनों की बड़ी भूमिका होती है। वे दिखाना चाहते हैं कि केवल सत्तारूढ़ पार्टी की जिम्मेदारी है ।’’ कमलनाथ ने कहा, ‘‘ हमारी प्राथमिकता लोकपाल विधेयक है। लोकपाल विधेयक को राज्यसभा में लाया जाएगा और उसके बाद यह लोकसभा में आएगा।’’ उन्होंने इसके साथ ही कहा कि सरकार कल राज्यसभा की सूची में इसे शामिल करेगी। उन्होंने इन रिपोर्टो को भी खारिज किया कि संसद के शीतकालीन सत्र को निर्धारित समय से पूर्व समाप्त किए जाने की कोई योजना है।

 

सरकार द्वारा शुक्रवार तक संसद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने पर विचार किए जाने संबंधी रिपोर्टो के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ सत्र को छोटा करने की अभी कोई योजना नहीं है। हमने अन्य कार्यों के लिए भी समय आवंटित किया हुआ है और हमारी प्राथमिकताओं की एक सूची है।’’उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि सरकार को वित्त और रेल मंत्रालयों की अनुदानों की अनुपूरक मांगों को भी पारित करवाना है।

 

पांच दिसंबर को शुरू हुआ संसद का शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलने का कार्यक्रम है। सरकार ने गांधीवादी नेता अन्ना हजारे को आश्वासन दिया है कि लोकपाल विधेयक को संसद के चालू सत्र में ही लाया जाएगा लेकिन अन्ना विधेयक को जल्द पारित कराने की अपनी मांग को लेकर पहले ही अनिश्चिकालीन अनशन पर बैठ चुके हैं और आज उनके अनशन का तीसरा दिन है। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सरकार पर सत्र को छोटा करने का आरोप लगाया है और कहा है कि उनकी पार्टी लोकपाल को बिना किसी देरी के लाए जाने की इच्छुक है।


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