रामपुर में नगर द्वार गिराने पर हाई कोर्ट की रोक, आजम को नोटिस

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Friday, December 13, 2013-9:44 AM

इलाहाबाद: इलाहाबाद हाई कोर्ट ने रामपुर में पुरातात्विक महत्व के नगर द्वार को गिराये जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर ध्वस्तीकरण कार्यवाही पर रोक लगाते हुए जिलाधिकारी से मामले पर रिपोर्ट मांगी है। साथ ही जनकार्य विभाग को आदेश दिया है कि वह नगर द्वारों की जांच कर उनके पुरातात्विक महत्व का पता लगाए। अदालत ने पुरातत्व विभाग को भी जांच का रिपोर्ट देने को कहा है। अदालत ने इस मामले में केन्द्र सरकार, राज्य सरकार और कै बिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। यह आदेश न्यामूर्ति वी.के. शुक्ल तथा न्यामूर्ति सुनीत कुमार की युगलपीठ ने कांग्रेस पार्टी के विधायक नवाब काजिम अली खां की याचिका पर दिया है।

इस मामले में याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य सरकार के कै बिनेट मंत्री आजम खां के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन वर्षों पुराने नगर द्वारों का ध्वस्त कर रहा है जिससे नगर की धरोहर को समाप्त किया जा रहा है। याचिका का विरोध मुख्य स्थाई अधिवक्ता द्वितीय कमरुल हसन सिद्दीकी ने करते हुए कहा कि याचिका पोषणीय नहीं है। उनका तर्क था कि याची को याचिका दायर करने का कोई विधिक हक नहीं है। याचिका पर अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।


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