दागियों के खिलाफ दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई 18 को

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Friday, December 13, 2013-12:12 PM

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के दागी 32 सांसदों, 189 विधायकों व 22 एमएलसी के खिलाफ विचाराधीन आपराधिक मामलों के त्वरित विचारण सहित मानीटरिंग करने की मांग में दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई 18 दिसम्बर को होगी। अधिवक्ता आशुतोष गुप्ता की जनहित याचिका की सुनवाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चन्द्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति संजय मिश्र की खण्डपीठ कर रही है। याची अधिवक्ता प्रदीप कुमार का कहना है कि अपराधी व माफिया राजनीति में दखल दे रहे हैं। सांसदों, विधायकों के खिलाफ  गंभीर आपराधिक आरोपों में दशकों से मुकदमे विचाराधीन हैं। याचिका में ऐसे सांसदों, विधायकों का आपराधिक रिकार्ड मंगाये जाने की भी मांग की गयी है।

याचिका में कहा गया है कि सपा के 111, बसपा के 29, भाजपा के 25, कांग्रेस के 13, आरएलडी के दो, आईएनडी के 5, पीस पार्टी के 2, कौमी एकता के एक व अन्य एक विधायक के विरुद्ध आपराधिक मुकदमा विचाराधीन है, जिनका विचारण लम्बे समय से लटका हुआ है। प्रदेश के महाधिवक्ता वीसी मिश्र ने याचिका की पोषणीय पर आपत्ति की और कहा कि यह राच्य सरकार का अधिकार है जिस पर वह नियमानुसार कार्यवाही करेगी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाए कि महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों के मामले की शीघ्र सुनवाई की व्यवस्था की गई है। बहुत से आरोपी ऐसे हैं जो जमानत न मिल पाने के कारण जेलों में बंद हैं। उनके मुकदमे भी जल्दी सुने जाने चाहिए। सवाल उठ सकता है कि सांसदों व विधायकों के मुकदमे की सुनवाई होने के कारण जेलों में बंद लोग नहीं सुने जा रहे हैं। याची अधिवक्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी बारे में आदेश दिए हैं जिसका अध्ययन कर लिया जाए।


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