सुषमा स्वराज ने की जस्टिस गांगुली के इस्तीफे की मांग

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Friday, December 13, 2013-12:08 PM

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए के गांगुली पर महिला इंटर्न के यौन उत्पीडऩ के आरोप को अत्यंत गंभीर मामला करार देते हुए भाजपा ने आज कहा कि अब हर क्षेत्र से ऐसी घटनाएं सामने आ रही है और उच्च पदों पर बैठे ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि दूसरों के लिए यह सबक बन सके। इसके साथ ही लोकसभा में गांगुली के तत्काल इस्तीफे की मांग भी उठी।

लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा, ‘‘ पिछले वर्ष 16 दिसंबर को निर्भया सामूहिक बलात्कार मामले के बाद पूरा देश आक्रोशित हुआ था। देश भर में विभिन्न स्तरों पर जबर्दस्त आक्रोश के स्वर सामने आए थे। उस समय उम्मीद जगी थी कि आगे ऐसी घटनाओं पर लगाम लगायी जा सकेगी।’’ 

न्यायमूर्ति गांगुली को बर्खास्त किये जाने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि ताजा वाकया उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधशी और पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष ए के गांगुली से जुड़ा है जिनपर उनकी एक महिला इंटर्न ने यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए हैं।

उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित समिति की जांच में उन्हें दोषी पाया गया और उनके व्यवहार को ‘अवांछनीय’ आचरण बताया गया था। लेकिन इसके बावजूद वे अपने पद पर ढीठ बनकर बैठे हुए हैं।  सुषमा ने कहा, ‘‘ अब तो हर क्षेत्र से ऐसी घटनएएं सामने आ रही हैं। बड़े पदों पर बैठे लोगों से लेकर धर्माचार्य, मीडिया के लोगों पर भी ऐसे आरोप लग रहे हैं।’’  उन्होंने कहा कि तहलका मामले में एक कनिष्ठ पत्रकार ने अपने संपादक पर यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए हैं।

विपक्ष की नेता ने कहा, ‘‘ ये रिश्ते विश्वास के रिश्ते होते हैं और अगर विश्वास टूटता है तो इससे गंभीर बात क्या हो सकती है। इन्होंने रिश्ते के विश्वास को तोड़ा है।’’ उन्होंने कहा कि रूतबा जितना बड़ा होता है अपराध उतना बड़ा होता है, रूतबा जिनता बड़ा होता है, सजा उतनी बड़ी होनी चाहिए।

बड़े पदों पर बैठे लोगों को ऐसे अपराध के लिए सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि यह दूसरे लोगों के लिए सबक बन सके। सुषमा ने कहा कि अगर न्यायमूर्ति गांगुली पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद को नहीं छोड़ते हैं तो उन्हें तत्काल हटाया जाना चाहिए, बर्खास्त किया जाना चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि विपक्ष की नेता ने जो कहा वह सही है और न्यायमूर्ति गांगुली को तत्काल पद से त्यागपत्र देना चाहिए। यह गंभीर मामला है और ऐसे मामलों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए।

 


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