लगातार पांचवें दिन भी नहीं चली लोकसभा

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Friday, December 13, 2013-2:25 PM

नई दिल्ली: संसद के शीतकालीन सत्र में आज लोकसभा लगातार पांचवें दिन भी ठप रही और प्रश्नकाल सहित कोई विधायी कामकाज नहीं हो सका। विभिन्न मुद्दों को लेकर सदस्यों द्वारा किए गए हंगामे के कारण सदन की बैठक दो बार के स्थगन के बाद जहां एक बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई वहीं सदन अविश्वास प्रस्ताव के नोटिसों पर विचार करने में भी विफल रहा। एकीकृत आंध्र प्रदेश मुद्दे पर तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस, संघ लोक सेवा आयोग में भारतीय भाषाओं की कथित उपेक्षा पर जनता दल (यू) और राजद तथा उत्तर प्रदेश की कुछ अन्य पिछड़ा वर्ग जातियों को अनुसूचित जाति सूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर सपा सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की बैठक को दो बार के स्थगन के बाद करीब एक बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।

 

तेदेपा और वाईएसआर सदस्यों ने अपने मुद्दों को लेकर अध्यक्ष के आसन के समक्ष आकर नारेबाजी की। सीमांध्र से कांग्रेसी सदस्य अपने स्थान से खड़े होकर नारेबाजी करते हुए उनका समर्थन कर रहे थे। सुबह कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष ने विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज को न्यायमूर्ति ए के गांगुली मुद्दे और जनता दल (यू) के नेता शरद यादव को संघ लोक सेवा आयोग में भारतीय भाषाओं की कथित उपेक्षा के मुद्दे पर अपनी बात रखने का मौका दिया। इन दोनों नेताओं द्वारा अपनी बात कह लेने के बाद भी सदन में हंगामा जारी रहा।

 

अध्यक्ष मीरा कुमार ने बार बार सदस्यों से सदन में व्यवस्था बनाने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें तेदेपा और वाईएसआर कांग्रेस के अलावा छह कांग्रेसी सदस्यों द्वारा दिए गए अविश्वास प्रस्ताव के नोटिसों पर सदस्यों के विचार जानने हैं। लेकिन अध्यक्ष की अपील का कोई असर नहीं हुआ। अन्य पिछड़ा वर्ग जातियों को अनुसूचित जाति सूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर सपा सदस्यों ने भी भारी हंगामा किया। वर्ष 2005 में इन जातियों को अनुसूचित जाति सूची में शामिल किए जाने की पहल की गयी थी। उस समय मुलायम सिंह यादव की अगुवाई वाली सपा सरकार ने संबंधित अधिनियम में संशोधन किया था। इन जातियों में बंजारा, कहार, कश्यप, केवट, निषाद, बिंद , भर, प्रजापति, राजभर,बाथम , गौर, तुरा माझी, मल्लाह, कुम्हार, झीमर और मछुआ शामिल हैं। हंगामे और नारेबाजी के बीच ही कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने कोयला नियामक प्राधिकरण के गठन के संबंध में एक विधेयक सदन में पेश किया।

 

अध्यक्ष मीरा कुमार ने गृह राज्य मंत्री एम रामचंद्रन को नागरिकता (संशोधन) विधेयक 2013 को विचार एवं पारित करने के लिए पेश करने को कहा। लेकिन हंगामे में मंत्री की बात नहीं सुनी जा सकी और मीरा कुमार ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद कार्यवाही दोपहर बाद एक बजे तक स्थगित कर दी।

 

एक बजे सदन की बैठक फिर से शुरू होने से पूर्व वित्त मंत्री पी.चिदम्बरम और संसदीय मामलों के मंत्री कमलनाथ ने सपा नेताओं के पास जाकर उन्हें कार्यवाही चलने देने के लिए मनाते दिखे लेकिन बात नहीं बनी। कार्यवाही शुरू होने पर हंगामा जारी रहा और व्यवस्था बनते नहीं देख अध्यक्ष ने एक बजे बैठक को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया। सदन में आज लगातार पांचवें दिन भी प्रश्नकाल नहीं हुआ।


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