संसद हमला : शहीदों के लिए स्मारक का निर्माण किया जाए

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Friday, December 13, 2013-6:53 PM

नई दिल्ली: साल 2001 में संसद पर हुए आतंकवादी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए प्रवेश पर लगाई कई पाबंदियों से नाराज शहीद जवानों के परिजन ने आज मांग की कि उन्हें संसद भवन परिसर के बाहर जमीन आवंटित की जाए ताकि शहीदों के लिए एक स्मारक का निर्माण किया जा सके।

परिजन ने कहा कि संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने की मांग के कारण अब तक वे इस समारोह का बहिष्कार करते रहे थे पर आज जब वे श्रद्धांजलि अर्पित करने की तैयारी में थे तो उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा क्योंकि संसद के अधिकारियों ने शहीदों के परिवार से सिर्फ एक ही रिश्तेदार को अंदर जाने की इजाजत दी।

मुंबई में 26/11 हमले में शहीद हुए जवानों के स्मारक की तर्ज पर यहां भी संसद हमले में शहीद हुए जवानों की याद में एक स्मारक बनाने की मांग करते हुए अखिल भारतीय आतंकवाद निरोधक मोर्चा (एआईएटीएफ) के अध्यक्ष एम एस बिट्टा ने कहा कि ऐसी पाबंदियां इन परिवारों का ‘‘अनादर’’ है और इसलिए ‘‘हमने अपना ख्याल बदल लिया है और राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर ही पुष्पांजलि अर्पित की।’’

संसद पर हमले के दौरान आतंकवादियों से मुकाबले में अपनी जान गंवाने वाले दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल शहीद विजेंदर सिंह की पत्नी जयवती ने कहा, ‘‘हमने अब तक संसद भवन में श्रद्धांजलि देने के कार्यक्रम का बहिष्कार किया था क्योंकि अफजल गुरू को फांसी नहीं दी गई थी। आज हम निराश हैं क्योंकि अधिकारी सिर्फ एक ही व्यक्ति को जाने दे रहे हैं, पूरे परिवार को नहीं।’’ 

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