'हैट्रिक हीरो' शिवराज दूसरे सर्वाधिक लोकप्रिय नेता

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Saturday, December 14, 2013-1:46 PM

भोपाल : विनम्र, मृदुभाषी् सरल एवं सहज स्वभाव वाले मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 'हैट्रिक हीरो' शिवराज सिंह चौहान पार्टी में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद निॢववाद रूप से दूसरे सर्वाधिक लोकप्रिय नेता के रप में उभरे हैं। आठ वर्षो से राज्य के मुख्यमंत्री पद पर आसीन चौहान के नेतृत्व में भाजपा ने दूसरी बार विधानसभा चुनाव लडा और भाजपा को लगातार तीसरी बार प्रचंड बहुमत से सत्ता में लाकर इतिहास रच दिया।

यह साफ है कि मध्यप्रदेश में भाजपा की सरकार पहली बार लगातार तीन कार्यकाल पूरे करेगी। क्रमिक रूप से भाजपा के वोटों में जबरदस्त इजाफा करने वाले चौहान की राष्ट्रीय राजनीति में भी आने वाले समय में बडी भूमिका की संभावना को अब खुलकर स्वीकार किया जाने लगा है। नर्मदा किनारे सीहोर जिले के जैत गांव के किसान प्रेमसिंह चौहान और श्रीमती सुंदर बाई चौहान के घर में नौ मार्च 1959 को जन्में शिवराज सिंह चौहान शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं।

उन्होंने भोपाल के बरकतुल्ला विश्वविद्यालय से दर्शनशा में स्नातकोत्तर की परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल करके स्वर्ण पदक हासिल किया था। चौहान का विवाह वर्ष 1992 में उनका विवाह महाराष्ट्र के गोंदिया की साधना सिंह के साथ हुआ। उनके दो पुत्र हैं। चौहान बचपन से ही राष्ट्रीय भावना और भारतीय जीवन मूल्यों से ओतप्रोत और दूसरों के दुखों के प्रति संवेदनशील रहे हैं। चौहान वर्ष 1975 में माडल हायर सेकेण्डरी स्कूल टी.टी.नगर भोपाल के छात्र संघ के अध्यक्ष रहे1 उन्होंने आपातकाल के विरद्ध भूमिगत आंदोलन में भाग लिया जिसके कारण वह 1976.77 में भोपाल जेल में बंदी रहे।

जन समस्याओं के समाधान के लिए विभिन्न आंदोलनों में भाग लेने के कारण उन्हें कई बार जेल जाना पडा। चौहान 1977 से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक हैं1 वह 1977-78 में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री नियुक्त हुये1 वह 1978 से 1980 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के मध्यप्रदेश के संयुक्त मंत्री रहे, चौहान 1980 से 1982 तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के म.प्र.के महासचिव 1982-83 में परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारणी के सदस्य 1984-85 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के संयुक्त सचिव 1985..88 में मोर्चा के प्रांतीय महामंत्री तथा 1988 से 1991 तक युवा मोर्चा के प्रांतीय अध्यक्ष रहे।

 चौहान वर्ष 1990 में पहली बार बुधनी विधानसभा से विधायक चुने गये इसके अगले वर्ष 1991 में वह विदिशा संसदीय क्षेत्र से पहली बार सांसद चुने गये1 इस सीट पर वह भाजपा के शीर्ष नेता अटलबिहारी वाजपेयी के उत्तराधिकारी के रप में आये थे1 चौहान 1991..92 में अखिल भारतीय केशरिया वाहिनी के संयोजक रहे तथा 1992 में अखिल भारतीय जनता युवा मोर्चा के महासचिव बने1 वह 1992 से 1994 तक मध्यप्रदेश भारतीय जनता पार्टी के महासचिव नियुक्त हुये1

वह 1992 से 1996 तक मानव संसाधन विकास मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति 1993 से 1996 तक श्रम और कल्याण समिति के सदस्य तथा 1994 से 1996 तक ङ्क्षहदी सलाहकार समिति के सदस्य रहे1 चौहान 11वीं लोकसभा में 1996 में विदिशा से पुन सांसद चुने गये1 सांसद के रप में 1996.67 में नगरीय एवं ग्रामीण विकास समिति.मानव संसाधन विकास विभाग की परामर्शदात्री समिति तथा नगरीय एवं ग्रामीण विकास समिति के सदस्य रहे।

चौहान 1998 में विदिशा संसदीय क्षेत्र ही तीसरी बार 12 वीं लोकसभा के लिए सांसद चुने गए1 वह 1998- 99 में प्राक्कलन समिति के सदस्य रहे। चौहान 1999 में विदिशा से ही चौथी बार 13वीं लोकसभा के लिए सांसद निर्वाचित हुए1 वह 1999 .. 2000 में कृषि समिकित के सदस्य तथा 1999- 2001 में सार्वजनिक उपक्रम समिति के सदस्य रहे1
 


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