‘आप’ की शर्तों पर फंसा सरकार का पेच

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Saturday, December 14, 2013-10:21 PM

नई दिल्ली: दिल्ली में नई सरकार के गठन पर मंझे हुए नेता की तरह दाव खेलते हुए आम आदमी पार्टी (आप) के नेता अरविंद केजरीवाल ने गेंद कांग्रेस और भाजपा के पाले में डालते हुए कहा है कि दोनों से मुद्दों के आधार पर समर्थन मिलने पर ही सरकार बनाएंगे। उपराज्यपाल नजीब जंग से आज सुबह राजनिवास में मुलाकात के बाद केजरीवाल ने संवाददाताओं से कहा कि उनका मकसद सत्ता के लिए सरकार बनाना नहीं है। वह जनता की सेवा करना चाहते हैं और यदि कांग्रेस तथा भाजपा उनके द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों के आधार पर समर्थन देने के लिए तैयार होती हैं तो वह इस पर लोगों के बीच जाएंगे और उनकी राय जानने के बाद ही सरकार बनाएंगे।

उन्होंने उपराज्यपाल से 10 दिन की मोहलत मांगी है। उपराज्यपाल से मुलाकात के दौरान ‘आप’ के प्रमुख नेता मनीष सिसौदिया, कुमार विश्वास और संजय सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह को चिट्ठी लिखी है जिसमें ‘आप’ की तरफ से उठाए गए 18 मुद्दों पर उनसे अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा गया है। दोनों पार्टियों से 7 दिन में इन मुद्दों पर उनका रुख मांगा गया है।

इसके बाद वह 250 जनसभाएं कर जनता की राय लेंगे और जो भी जनमानस का फैसला होगा उससे उपराज्यपाल को अवगत कराएंगे। केजरीवाल ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि वह न किसी का समर्थन लेंगे और न देंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी को बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि किसी से समर्थन मांगा नहीं और समर्थन देने की होड़ लगी हुई है। जनता के सामने यह आना जरूरी है कि दोनों पार्टियां सरकार बनाने के लिए समर्थन देने पर क्यों उतारू हैं।

केजरीवाल की कांग्रेस और भाजपा पर 18 शर्तें
1. दिल्ली से वी.आई.पी. कल्चर बंद होना चाहिए। कोई भी विधायक, मंत्री या अफसर लाल बत्तीकी गाड़ी, बड़े बंगले और अपने लिए सुरक्षा नहींलेगा।
2. विधायक फंड और कौंसलर फंड खत्म किया जाएगा। यह फंड सीधे मोहल्ला सभाओं को जाएगा। जनता तय करेगी कि पैसा कहां खर्च हो।
3. दिल्ली के लिए लोकपाल बिल पास करना चाहते हैं। लोकपाल बिल पास होने के बाद 15 साल में कांग्रेस ने जितने घोटाले किए हैं उनकी जांचहोगी।
4. 7 साल में भाजपा ने नगर निगम में जितने घोटाले किए हैं उनकी जांच होगी। क्या भाजपा को मंजूर है?
5. रामलीला मैदान के अंदर स्पैशल असैंबली सैशन बुलाएंगे और लोकपाल बिल वहां पास कियाजाएगा।
6. दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए। कांग्रेस केंद्र में भी इसे पास कराने में मदद करे।
7. बिजली कम्पनियों का ऑडिट होना चाहिए। बिजली कम्पनियों ने भारी हेराफेरी की है। ऑडिट करने से इन्कार करने वाली कम्पनी का लाइसैंस रद्द कर दिया जाए। ऑडिट के बाद बिजली की दरें तय की जाएं। दिल्ली में 50 प्रतिशत से ज्यादा बिजली के दाम कम किए जाएं।
8. दिल्ली में बिजली के मीटर तेज चल रहे हैं। इनकी निष्पक्ष जांच करवाई जाए। अगर मीटर गलत पाया जाता है तो लगने की अवधि से कम्पनी से पैसा वसूला जाए।
9. दिल्ली में पानी का माफिया काम कर रहा है। इसे भाजपा और कांग्रेस के नेताओं का संरक्षण है। इनको तिहाड़ जेल भेजा जाए। आम आदमी को 700 लीटर पानी मुफ्त दिया जाए।
10. दिल्ली की 30 प्रतिशत से ज्यादा जनता अनधिकृत कालोनियों में रहती है। ‘आप’ चाहती है कि एक साल के अंदर इन्हें नियमित किया जाए।
11. दिल्ली की झुग्गी-बस्तियों में रहने वालों को पक्के मकान दिए जाएं। झुग्गियों को मकान मिलने तक तोड़ा न जाए। शौचालयों की व्यवस्था भी की जाए।
12. आम आदमी पार्टी की सरकारव्यापार और उद्योग के लिए बने कानून और नीतियों की समीक्षा करेगी।
13. आम आदमी पार्टी दिल्ली में रिटेल में एफ.डी.आई. के खिलाफ है।
14. दिल्ली के किसानों को दूसरे राज्यों के किसानों की तरह सबसिडी का लाभ मिले। ग्रामसभा की मंजूरी के बिना जमीन का अधिग्रहण नहो।
15. प्राइवेट स्कूलों में डोनेशन सिस्टम बंद किया जाए, फीस की प्रक्रिया पारदर्शी बने। 500 से अधिक नए स्कूल खुलें।
16.नए सरकारी अस्पताल खोले जाएंगे। प्राइवेट अस्पतालों में भी बेहतर इलाज का प्रबंध किया जाएगा।
17. दिल्ली में नई अदालतें खोली जाएं और नए जजों की नियुक्ति भी हो जिससे मामले 6 महीने में निपटाए जा सकें।
18. कई मुद्दों को क्रियान्वित करने के लिए दिल्ली नगर निगम के सहयोग की जरूरत होगी। दिल्ली नगर निगम में भाजपा का राज है, क्या इन मुद्दों पर आपकी पार्टी सहयोगी करेगी?
अंतिम सवाल केजरीवाल ने केवल भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह को लिखे पत्र में पूछा है।


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