शहीदों के परिजनों को प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं है : अधिकारी

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Saturday, December 14, 2013-11:15 PM

नई दिल्ली: संसद के अधिकारियों ने वर्ष 2001 के संसद हमले के शहीदों के परिजनों के उन आरोपों का आज खंडन किया कि शहीद कर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए उन्हें संसद परिसर के अंदर नहीं जाने दिया गया। लोकसभा सचिवालय के प्रेस एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक एम. के. शर्मा ने कहा, ‘‘पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी संसद सचिवालय ने शहीदों के परिजनों को निमंत्रण पत्र भेजा और उन्हें शहीदों को श्रद्धांजलि देने का निमंत्रण दिया।

प्रत्येक परिवार ने निमंत्रण पत्र को स्वीकार किया जिसकी प्रति संसद सचिवालय के पास है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘परिवार के प्रत्येक सदस्य से टेलीफोन पर संपर्क किया गया और भागीदारी पर उनकी पुष्टि ली गई। संसद भवन के स्वागत कार्यालय में अतिथियों के उपयुक्त सम्मान की भी व्यवस्था की गई।’’ शहीदों के परिजनों ने कल कहा था कि अफजल गुरू की फांसी की मांग को लेकर कई वर्षों तक श्रद्धांजलि सभा का बहिष्कार करने के बाद इस वर्ष वे श्रद्धांजलि सभा में शिरकत करना चाहते थे लेकिन शहीदों के परिजनों में से केवल एक को संसद के अधिकारियों ने अंदर जाने की अनुमति दी जिसका उन्होंने विरोध किया।

उन्होंने कहा कि वे चाहते थे कि पूरा परिवार उन्हें श्रद्धांजलि दे। रिश्तेदारों ने मांग की कि उच्च सुरक्षा वाले परिसर के बाहर उन्हें जमीन का आवंटन दिया जाए ताकि वे 13 दिसम्बर 2001 को आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद होने वालों की याद में स्मारक का निर्माण कर सकें।


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