‘गुजरात दंगों के दौरान मोदी-वाजपेयी के बीच हुए पत्र व्यवहार का खुलासा नहीं होगा’

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Sunday, December 15, 2013-2:55 PM

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री कार्यालय ने 2002 में हुए गुजरात दंगों के 11 साल बाद भी उस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुए पत्र व्यवहार का खुलासा करने से इनकार कर दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक आरटीआई आवेदन का जवाब देते हुए पारदर्शिता संबंधी खंड 8:1-H का हवाला दिया जो उस सूचना को देने से छूट देता है जिससे अपराधियों के खिलाफ जांच या संदेह या अभियोग की प्रक्रिया बाधित हो। 

इस जवाब ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या मोदी और तत्कालीन प्रधानमंत्री वाजपेयी के बीच हुए पत्र व्यवहार में दंगाइयों या सामूहिक हत्या के जिम्मेदार लोगों के बारे में कोई जानकारी है। आरटीआई आवेदन में पीएमओ और गुजरात सरकार के बीच 27 फरवरी 2002 से 30 अप्रैल 2002 तक राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर हुए सभी पत्र व्यवहार की प्रतियों की मांग की गई थी। आवेदन में वाजपेयी और मोदी के बीच उस दौरान हुए पत्र व्यवहार की भी प्रतियां मांगी गई थीं, जब राज्य में माहौल तनावपूर्ण था। 
 


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