पीड़ित इंटर्न का बयान, 'रात को जबरन रोकने की कोशिश की'

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Monday, December 16, 2013-11:18 AM

नई दिल्ली: एक अंग्रेजी अखबार में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एके गांगुली पर आरोप लगाने वाली इंटर्न छात्रा के हवाले से एक हलफनामा छपा है। पीड़ित इंटर्न ने यही हलफनामा सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों के पैनल को दिया था। लड़की के हलफनामे के मुताबिक जब वो कमरे में पहुंची तो वहां गांगुली के अलावा दो लोग और मौजदू थे। जज ने बताया की एआईएफएफ कि रिपोर्ट अगली सुबह दाखिल करनी है। इसलिए उन्होंने लड़की को होटल में रात भर काम करने के लिए कहा।

हलफनामें कहा गया है कि पूर्व जस्टिस गांगुली ने होटल के कमरे में गलत नीयत से उसके हाथ छुए। रात को जबरन रोकने की कोशिश की। बांहों में भरने की कोशिश की और हाथ पर किस किया। लड़की ने लिखा है कि जज ने रेड वाइन की बोतल निकाली और मुझसे कहा कि मैं थक गई हूं तो रेड वाइन पीते हुए बेडरूम में जाकर आराम करूं। हलफनामे में पीड़िता ने आगे कहा है कि वो चाहते थे कि मैं उनके साथ उन्हीं के कमरे में रुकूं। मैं उनकी बात से थोड़ा असहज महसूस करने लगी। वो शराब की बोतल ले आए और मेरे हाथ में गिलास पकड़ा दिया। मुझे बहुत अजीब लग रहा था।

हलफनामे में आगे लिखा है, 10 बजे के करीब कमरे में जब डिनर आया तो जस्टिस गांगुली सोफे पर बैठ गए और मेरी पीठ पर हाथ रखा। मैंने दूर हटने की कोशिश की लेकिन वो पीठ से हाथ हटाने की जगह मुझे बांहो में लेने की कोशिश करने लगे। डिनर छोड़ते हुए घबराकर मैं दूसरे सोफे पर बैठ गई और काम करने का दिखावा करने लगी। असल में मैं कार का इंतजार कर रही थी। तभी जस्टिस गांगुली मेरे पास आए और सिर पर हाथ रखकर कहा कि तुम बहुत खूबसूरत हो। फिर कहा- क्या तुम नहीं जानती कि मैं तुम्हारी तरफ आकर्षित हूं।उन्होंने कहा- तुम्हें लग रहा होगा कि ये बूढ़ा आदमी शराब के नशे में ऐसी बातें कर रहा है। सच में मैं तुम्हें पसंद करता हूं। तुम्हें प्यार करता हूं। मैंने जब दूर जाने की कोशिश की तो उन्होंने मेरी बाह पर किस किया।

जब मैंने वहां से निकलने की कोशिश की तो जज मेरे पीछे रिसेप्शन तक आए, वहां पर कोई कार मौजूद नहीं थी, ऐसे में जज ने किसी को फोन करके कार मंगवाई। जब हम रिसेप्शन में अकेले खड़े थे वे लगातार यही कह रहे थे कि अभी मत जाओ, काम पूरा होना है। मैं करीब 10:30 होटल से निकली और अपने पीजी पहुंची। पीजी में पहुंचने के बाद जज ने फोन करके पूछा कि क्या मैं पहुंच गई हूं। मैंने हां में जवाब दिया और फोन काट दिया और अगले दिन उन्होंने एसएमएस कर अपनी इस हरकत की माफी मांगी।

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी ने अपनी जांच में पूर्व न्यायाधीश एके गांगुली का व्यवहार आपत्तिजनक होने की बात कही थी। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज एके गांगुली के खिलाफ यौन उत्पीडऩ के आरोप की जांच कर रही सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की तीन सदस्यीय समिति ने उन्हें प्रथम दृष्टया दोषी करार दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को इस पर किसी तरह की कार्यवाही करने से इनकार कर दिया और कहा कि गांगुली घटना के वक्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नहीं थे। समिति ने अपनी रिपोर्ट 28 नवंबर को सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. सतशिवम को सौंप दी थी।
 


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