गांगुली से कोर्ट कैसे निपटती है, इसे देखने का इंतजार है: सिब्बल

  • गांगुली से कोर्ट कैसे निपटती है, इसे देखने का इंतजार है: सिब्बल
You Are HereNational
Monday, December 16, 2013-2:24 PM

नई दिल्ली: विधि मंत्री कपिल सिब्बल ने आज कहा कि वह इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उच्चतम न्यायालय, न्यायमूर्ति ए. के. गांगुली के मामले से निपटने की कब पहल करता है। गौरतलब है कि यौन उत्पीड़ऩ़ के एक मामले में शीर्ष अदालत के एक पैनल द्वारा दोषी करार देने के बाद पूर्व न्यायाधीश गांगुली पर पश्चिम बंगाल मानवाधिकार समिति के अध्यक्ष के पद से हटने को लेकर दबाव बढ़ रहा है। सिब्बल ने ट्विटर पर लिखा, इंतजार कर रहा हूं कि उच्चतम न्यायालय कब और कैसे न्यायमूर्ति गांगुली के मामले को लेकर मौके के अनुरूप खड़ा होता है।

इससे कुछ दिन पहले सिब्बल ने शीर्ष अदालत की इस दलील पर भी सवाल उठाया था जिसमें कहा गया था कि चूंकि न्यायमूर्ति गांगुली उच्चतम न्यायालय से सेवानिवृत्त हो चुके हैं इसलिए उनके खिलाफ यह अदालत आगे की कार्रवाई नहीं करेगी। उन्होंने साथ ही कहा था कि मामले को दबाया नहीं जा सकता। सिब्बल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं थोड़ा निराश हूं क्योंकि जिस संस्था ने मामले में यह पाया कि यौन पहल की गई थी, तो उसे मामले को आगे ले जाना चाहिए था।’’  उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय समिति ने न्यायमूर्ति गांगुली को एक महिला विधि इंटर्न के साथ ‘‘अशिष्ट व्यवहार’’ और ‘‘यौन प्रवृति के आचरण’’ का दोषी पाया था। एक साल से अधिक समय पहले उच्चतम न्यायालय से सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति गांगुली वर्तमान में पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष हैं। इंटर्न ने उनपर पिछले साल दिल्ली में एक होटल के कमरे में उसका यौन उत्पीडऩ़़ करने का आरोप लगाया है।

भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को संसद में न्यायमूर्ति गांगुली के खिलाफ आरोपों का मामला उठाया और पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष पद से उन्हें हटाए जाने की मांग की। उन्होंने साथ ही कहा कि न्यायमूर्ति गांगुली को नैतिक आधार पर अब तक इस्तीफा दे देना चाहिए था। 2011 में सत्ता में आने के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के तौर पर न्यायमूर्ति गांगुली का चयन किया था। यह मामला सामने आने पर ममता इस पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को दो बार पत्र लिख चुकी हैं।
 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You