मुस्लिम सांसदों ने मुस्लिम-ईसाई दलितों के लिए आरक्षण की पैरवी की

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Thursday, December 19, 2013-3:23 PM

नर्इ दिल्ली: मुस्लिम सांसदों ने मुसलमान और ईसाई दलितों को भी अनुसूचित जाति का संवैधानिक दर्जा देकर आरक्षण की सुविधा मुहैया कराने की पैरवी करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार को  उच्चतम न्यायालय में रंगनाथ मिश्र आयोग की ओर से इस संदर्भ में की गई सिफारिश पर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए।
 
अलग अलग दलों के 11 मुस्लिम सांसदों की बैठक कल शाम हुई। बैठक में शामिल जद-यू सांसद अली अनवर अंसारी ने  बताया, ‘‘रंगनाथ मिश्रा आयोग ने जो बात कही है, उस पर उच्चतम न्यायालय ने केंद्र सरकार का रूख जानना चाहा है। हमारी मांग है कि सरकार को इस पर अपना रूख स्पष्ट कर देना चाहिए।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘1950 में जारी राष्ट्रपति के आदेश के बाद ही मुस्लिम और ईसाई दलित आरक्षण की सुविधा उपेक्षित हो गए। इसी को वापस लेने की मांग है। केंद्र सरकार को इस पर पहल करनी चाहिए।’’ इस बैठक में मुस्लिम समुदाय के लोगों को ब्याज मुक्त बैकिंग अथवा वैकल्पिक बैकिंग की सुविधा भी मुहैया कराने की मांग की है।
 
सभी सांसदों ने एक स्वर में कहा कि सरकारी कब्जे वाली सभी वक्फ संपत्तियों को मुक्त किया जाए अथवा इनसे जुड़े मामले का राजस्व रिकॉर्ड एवं वक्फ सर्वेक्षण के मुताबिक निपटारा किया जाए। बैठक में अली अनवर अंसारी के अलावा कांग्रेस सांसद मौलाना असरारूल हक, राज्यसभा सदस्य मोहम्मद अदीब तथा कुछ दूसरे सांसद मौजूद थे।


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