‘केजरीवाल को महंगा पड़ेगा अन्ना का विरोध’

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Thursday, December 19, 2013-5:02 PM

देहरादून: जनतंत्र मोर्चा की नगर इकाई ने जन लोकपाल मसौदे को मंजूरी मिलने पर मिष्ठान वितरित कर खुशी का इजहार किया और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। जनलोकपाल विधेयक को संसद द्वारा पारित किए जाने के बाद रालेगण सिद्धि में आमरण अनशन पर बैठे अन्ना हजारे ने आन्दोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया। उत्साहित मोर्चा कार्यकर्ताओ ने ढोल नगाड़ो के साथ खुशी मनाई। उन्होने कहा कि दशको से लंबित मांग अन्ना हजारे की अगुवाई में हुए आंदोलन से ही पूरी हो पाई है। कहा कि मसौदा भ्रष्टाचार मिटाने में कारगर साबित तो होगा ही साथ ही भारत वर्ष की राजनीति में भी यह लोकपाल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गोपाल सती ने कहा कि अरविंद केजरीवाल की आप पार्टी इस बिल का पास होना एक मजाक या सरकारी लोकपाल कहकर जो उपहास उड़ा रही है, वह उन्हे भारी पड़ेगा। उन्होंने आन्दोलन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया है। रविशास्त्री ने कहा कि अन्ना के आन्दोलन ने यह साबित कर दिया है कि आखिर ईमानदार की ही जीत होती है। क्योंकि आन्दोलन में युवा वर्ग की भागीदारी ने भारत में फैले भ्रष्टाचार के विरूद्ध जो भागीदारी की उसने यह साबित कर दिया है कि भारत का भ्रष्टाचार देर सबेर समाप्त होगा। इससे पूर्व  नगर संयोजक गोपाल सती, सह संयोजक एपी बंगवाल, रवि शास्त्री, जीडी जोशी, डीपी वसलियाल, अनुराग जोशी, एपी बिजल्वाण, यशवंत भंडारी अनशन पर बैठे। इस अवसर पर राजेन्द्र तायल, राधेश्याम शर्मा, उमराव सिंह रावत, केदार सिंह रावत, माणिक लाल, मेहरबान सिंह, त्रिपुरारी, दिनेश बहुगुणा, चेतन स्वरूप, मनोज नौडियाल, देवेन्द्र चोहान, सावन चंद, हरीश कुमार, राजेन्द्र नेगी, वीरेन्द्र मौजूद थे।


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