आम आदमी को महसूस होना चाहिए कि यह उनका शासन है: चौहान

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Friday, December 20, 2013-10:42 AM

भोपाल: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने अधिकारियों से स्पष्ट कहा है कि आम आदमी को महसूस होना चाहिए कि यह उनका शासन है और उनकी अपनी तरह हर अधिकारी को भी खुद को शासक नहीं, जनता का सेवक मानना चाहिए।
   
लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद चौहान ने आज यहां अपनी पहली ‘कमिश्नर-कलेक्टर कान्फ्रेंस’ में कहा कि उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता आम आदमी के कार्य बिना किसी अड़चन के पूरे करना है। आम आदमी को महससू होना चाहिए कि यह उनका अपना शासन है और मुख्यमंत्री की ही तरह अधिकारी भी अपने आपको शासक नहीं, जनता का सेवक मानें।
    

प्रत्येक मंगलवार को शासन के हर स्तर पर होने वाले ‘जनसुनवाई’ को लेकर उन्होने साफ किया कि यह महज रस्म अदायगी नहीं होकर जनता की समस्याएं हल करने वाली होना चाहिए। प्रशासन अपने कर्मचारियों की सुविधा का ध्यान रखे, लेकिन भ्रष्टाचार पर पैनी निगाह रखकर उसके खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होने कलेक्टरों से कहा कि वे अपने जिले के विकास का प्रारूप तथा एक साल की कार्ययोजना बनाएं, इससे ही उनके काम का मूल्यांकन होगा।
    

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनका कोई दोस्त अथवा रिश्तेदार नहीं है, बल्कि प्रदेश की पूरी साढ़े सात करोड़ जनता उनकी अपनी है। अधिकारी किसी दबाव में आकर गलत काम नहीं करें। जानबूझकर गलती करने वाले और समय पर काम नहीं करने वाले परिणाम भुगतने को तैयार रहें। कलेक्टरों को जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी :सीईओ: की तरह कार्य करना होगा।
    

उन्होने हर काम को समयसीमा में पूरा करने का निर्देश देते हुए कमिश्नरों एवं कलेक्टरों से कहा कि ‘विजन 2018 और जनसंकल्प दस्तावेज’ :चुनाव घोषणा पत्र: को पूरा करने में सरकार का सहयोग करें।
    

इस अवसर पर गरीबों के लिए पांच साल में पन्द्रह लाख आवास बनाने, हर गांव को सड़क से जोडऩे, समग्र स्मार्ट कार्ड योजना, सिंचित रकबा 25 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 40 लाख करने, युवाओं के लिए कौशल उन्नयन और हर जिले में स्व-रोजगार प्रकोष्ठ तैयान करने की योजना पर मंथन किया गया।


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