स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी

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Friday, December 20, 2013-9:47 PM

अहमदाबाद : गुजरात उच्च न्यायालय ने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के निर्माण को चुनौती देने वाली उस जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है जिसमें आरोप लगाया गया था कि यह जनता के धन की बर्बादी है। अदालत याचिका पर बाद में इसपर फैसला सुनाएगी। देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा का निर्माण गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना है।

मुख्य न्यायाधीश भास्कर भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति जे बी पर्दीवाला की पीठ ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली। इस याचिका में प्रतिमा के निर्माण को चुनौती दी गई थी। खबरों को उद्धृत करते हुए याचिकाकर्ता जे डी गोस्वामी ने जनहित याचिका में कहा कि परियोजना की लागत 2400 करोड़ रपये होगी। साथ ही यह भी आरोप लगाया कि जनता के धन को बर्बाद किया जा रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय लोग परियोजना के खिलाफ हैं। प्रतिमा के निर्माण पर धन खर्च करने की बजाय इस धन का इस्तेमाल स्थानीय लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए किया जा सकता है। याचिकाकर्ता ने कहा, ‘‘पहले ही, पड़ोस के इलाके में सरदार पटेल की एक प्रतिमा है। इसलिए, पास में सरदार पटेल की एक और प्रतिमा की आवश्यकता नहीं है।’’
 


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