सरकारी खर्च पर तोंद घटाएंगे केंद्रीयकर्मी

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Saturday, December 21, 2013-1:16 PM

नई दिल्ली (राजन शर्मा): केंद्रीय कर्मचारी अब सरकारी पैसे पर अपनी तोंद कम करेंगे। मोटापे और बढ़ते वजन वाले सरकारी कर्मचारियों की छवि बदलने के लिए केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने एक पहल की है। मंत्रालय ने वजन कम करने तथा यंग और फिट दिखाई देने के लिए कर्मचारियों को सर्जरी कराने की सलाह दी है। पूरा खर्च स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय उठाएगा। मंत्रायल की और से एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन करने की बात कही गई है। कमेटी कर्मचारियों की सर्जरी से पहले जांच करेगी और यह तय करेगी कि वजन कम करने के लिए कौन सी सर्जरी की जानी है।

सीजीएचएस पैनल से होगा इलाज
सर्जरी कराने के लिए कर्मचारियों को सरकारी अस्पतालों के भरोसे ही नहीं बैठना होगा। इस आदेश में बताया गया है कि सर्जरी के लिए कर्मचारी सरकारी अस्पतालों के साथ ही पीएसयू द्वारा चलाए जा रहे अस्पतालों और उन निजी अस्पतालों में भी जा सकते है, जिनमें सीजीएचएस पैनल के तहत इलाज किया जाता है। एक कर्मचारी के इलाज के लिए 2.25  लाख दिए जाएंगे। 

माननीय भी उठा सकेंगे फायदा
इस आदेश के बाद सिर्फ सरकारी कर्मचारी ही नहीं पूर्व उपराष्ट्रपति, पूर्व राज्यपाल- उपराज्यपाल और पूर्व सांसद भी इस बेरिएट्रिक सर्जरी का फायदा उठा सकेंगे। यह लोग भी पेट की समस्या से निजात पाने के लिए सर्जरी करा सकेंगे। इसके लिए इन्हें अपने जोन व शहर में कार्यरत सीजीएचएस के डायरेक्टर या ज्वांइट डायरेक्टर की मंजूरी चाहिए होगी। एक सर्वे के अनुसार, देश के 200 मिलियन लोग मोटापे से पीड़ित हैं।

जमा फैट निकलेगा बेरिएट्रिक सर्जरी से
विशेषज्ञों के अनुसार बेरिएट्रिक सर्जरी शरीर में जमा फैट निकालने के लिए की जाती है। यह कई चरणों में पूरी की जाती है और इसकी प्रक्रिया बहुत सरल है। बेरिएट्रिक सर्जरी के दौरान मरीज के शरीर के एक हिस्से में छेद कर मशीन को अंदर भेजा जाता है, जो शरीर के अंदर जरूरत से ज्यादा जमा फैट को निकाल देता है। लैप्रोस्कोपी तकनीक  से की जाने वाली यह सर्जरी तीन तरह की होती है।


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