लालू अपनी करनी के कारण जेल गए: नीतीश

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Sunday, December 22, 2013-12:34 PM

 मुजफ्फरपुर: अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और राजद के बीच गठबंधन होने के संकेत पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इन दोनों दलों का रिश्ता पुराना है तथा वे इस राज्य में कुशासन और खराब विधि व्यवस्था के उसी काले दिनों को फिर से वापस लाने की कोशिश में लगे हैं। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने को जदयू द्वारा आज यहां आयोजित संकल्प रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राजद के बीच गठबंधन होने के संकेत पर नीतीश ने कहा कि इन दोनों दलों का रिश्ता पुराना है तथा वे इस राज्य में कुशासन और खराब विधि व्यवस्था के उसी काले दिनों को फिर से वापस लाने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इन दोनों दलों के बीच गठजोड़ पुराना है और उनकी सरकार के सत्ता में आने के पूर्व बिहार की जो बदहाली हुई उस समय इन दोनों दलों की मिली-जुली सरकार में हुई थी।

चारा घोटाला के एक मामले उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने में ढ़ाई महीने से अधिक समय से रांची जेल में बंद रहे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की रिहाई की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि वे ऐसे व्यवहार कर रहे हैं जैसे स्वतंत्रता की लडाई लड़कर अंदर (जेल) गए थे। राजद द्वारा लालू के जेल जाने के लिए नीतीश को जिम्मेवार ठहराए जाने की ओर इशारा करते हुए कहा कि दिल्ली में कांग्रेस नीत संप्रग की सरकार है और जिस सीबीआई ने उन्हें जेल भेजा वह केंद्र सरकार के अधीन काम करती है। नीतीश ने लालू पर ऐसा लोगों की सहानुभूति हासिल करने के लिए ऐसा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपनी ‘करनी के कारण’ जेल गए।

 उन्होंने कहा कि लालू का जेल जाना कोई कोई राजनीतिक घटना नहीं है बल्कि न्यायिक फैसला था। उन्हें भ्रष्टाचार के आरोप में सजा हुई थी, पर जेल से बाहर आने के बाद लालू जिस प्रकार से अपने पेश कर रहे उसे बढकर कोई और हो ही नहीं सकता। नीतीश ने कहा कि न तो वे लालू के जेल जाने और न ही उनके जेल से बाहर आने पर कोई प्रतिक्रिया दी, पर बिहार की जनता यह समझती है कि लालू किस कारण से जेल गए। अदालत से सजा मिलने पर जेल गए और उसी से जमानत मिलने पर बाहर आए। नीतीश ने कहा कि पिछले राजद शासनकाल की ओर इशारा करते हुए कहा कि बिहार की गाड़ी जो पटरी से उतर गई थी उसे पिछले आठ साल के अपने शासनकाल के दौरान उन्होंने उसे सही रास्ते पर लाने के लिए रात-दिन मेहनत की है। राजद शासनकाल के दौरान बिगड गयी विधि व्यवस्था की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय लोग शाम होने से पहले अपने घर लौट जाना चाहते थे। घर के लोगों को चिंता होती थी। आज वातावरण बदला है बिहार में शहर हो या गांव कानून का राज कायम हुआ है।

नीतीश ने लोगों को आगाह किया कि राजद शासनकाल के दौरान बिहार में जो माहौल था उसे याद करें और फिर से उस माहौल को कायम करने की कोशिश होगी। उन्होंने कहा कि कौन कहता है कि राजद शासनकाल के दौरान बिहार में पैसा नहीं था क्योंकि अगर राज्य के खजाने में राशि नहीं थी तो चारा घोटाले के जरिए खजाना को कैसे लूटा गया। नीतीश ने कहा कि प्रदेश के पिछले राजद शासनकाल और उनके शासनकाल में यही अंतर है कल राज्य के खजाने को लूटा जाता था आज उसे प्रदेश के विकास कार्यों में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ हमारा गठबंधन कार्यक्रमों के आधार पर आधारित था जिसमें न तो विवादित मुद्दों को उभारा जाएगा और न ही विवादित व्यक्तियों (नरेंद्र मोदी) को सामने लाया जाएगा। नीतीश ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में वह चला पर बाद में विवादित मुद्दों को उभारने की कोशिश होने लगी।


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