नर्सरी में अब दूरी का खेल

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Sunday, December 22, 2013-3:39 PM

नई दिल्ली (अभिषेक आनन्द): दिल्ली के उपराज्यपाल की ओर से नर्सरी एडमिशन की जो नई गाइडलाइन जारी की गई है, उसमें यह बिल्कुल भी साफ नहीं है कि स्कूलों से बच्चे के घर की दूरी कैसे मापी जाएगी। दरअसल, स्कूलों से नजदीकी होने पर 70 माक्र्स देने के फैसले से लाखों कैंडिडेट को खुशी हुई है लेकिन बहुत से ऐसे भी हैं जिन्हें समझ नहीं आ रहा होगा कि क्या करें।

जैसे अगर स्कूल से 6.1 किलोमीटर की दूरी है तो क्या बच्चे को कोई अंक नहीं मिलेगा? दूसरा सबसे बड़ा सवाल है जिसको लेकर एक्सपर्ट तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं, यह दूरी कैसे मापी जाएगी। नर्सरी एडमिशन एक्सपर्ट सुमित वोहरा के मुताबिक गूगल मैप की मदद से दूरी नापी जा सकती है। तो किसी का तर्क है कि स्कूल डी.टी.सी. बस के रूट से भी दूरी का फैसला कर सकते हैं। हालांकि नई गाइडलाइन से खफा स्कूल अभी इस बारे में कुछ नहीं कह रहे।

उपराज्यपाल की ओर से जारी नई गाइडलाइन में लिखा हुआ है कि स्कूल रोड या एरियल कोई भी तरीके से माप सकते हैं लेकिन स्कूलों को हिदायत दी गई है कि वे एडमिशन प्रक्रिया शुरू होने से पहले अपने 6 किलोमीटर के दायरे में आने वाले स्थानों की सूची जारी करेगी। सूची स्कूल की वैबसाइट और नोटिस बोर्ड पर लगाने के आदेश दिए गए हैं ताकि पूरी पारदर्शिता हो सके।

दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय के निदेशक अमित सिंघला से इस संबंध में बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। एक प्राइवेट बैंक में अधिकारी और नर्सरी में अपनी बेटी का एडमिशन चाह रहे अवधेश ने कहा कि राज्यपाल को दूरी मापने के बारे में भी स्पष्ट नियम बनाने चाहिए। ऐसा न होने पर अलग-अलग स्कूल भेदभाव कर सकते हैं, जिससे बच्चों को नुक्सान हो सकता है।


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