मेनका गांधी के पी.एस.ओ. की पिटाई का मामला गर्माया

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Monday, December 23, 2013-9:52 AM

पलवल: पूर्व केन्द्रीय मंत्री मेनका गांधी के पी.एस.ओ. वीर सिंह को पीटने, अवैध तौर से हिरासत में रखने और 15 हजार रुपए की रिश्वत लेने के कथित मामले में पेंच फंसता जा रहा है। मामले को लेकर जिला पुलिस कप्तान राकेश कुमार ने कहा कि जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी। जानकारी के अनुसार पूर्व केन्द्रीय मंत्री और भाजपा सांसद मेनका गांधी की सुरक्षा में पिछले 10 सालों से यहां के थाना हसनपुर अन्तर्गत गांव भिडूकी निवासी वीर सिंह बतौर पी.एस.ओ. तैनात है।

लगभग 6 महीने पहले गांव भिडूकी की एक महिला ने बीर सिंह के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत में आरोप लगाया था कि बीर सिंह ने उसके साथ अश्लील हरकत की। उस शिकायत का आपसी राजीनामा हो गया था। राजीनामा के बाद गत 6 सितम्बर को महिला ने हसनपुर पुलिस थाने से शिकायत वापस ले ली। शिकायत के लगभग 3 माह बाद बीर सिंह ने उक्त महिला के खिलाफ छेडख़ानी की झूठी शिकायत करने के आरोप में पुलिस थाना हसनपुर को शिकायत दी।

बीरसिंह ने महिला के साथ-साथ उसके पति को भी नामजद किया। इस शिकायत को लेकर बीर सिंह को और दूसरे पक्ष को 7 दिसम्बर को पुलिस थाने बुलाया गया। जहां गांव वाले दोनों पार्टियों को आपसी रजामंदी की बात कह कर ले गए। इसके बाद बीरसिंह ने दिल्ली जाकर पूरे मामले से सांसद मेनका गांधी को अवगत करवाया।

सांसद मेनका गांधी ने इस बारे में 16 दिसम्बर को गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर हसनपुर पुलिस थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा। बीर सिंह ने भी अपने साथ हुई ज्यादती के बारे में मानवाधिकार आयोग, सी.एम. भूपेन्द्र सिंह हुड्डा, डी.जी.पी. श्रीनिवास वशिष्ठ, गृह मंत्रालय को न्याय की गुहार के लिए लिखा।  सांसद मेनका गांधी के पी.एस.ओ. बीर सिंह के भाई बिरेन्द्र सिंह ने कहा है कि उसके भाई को 3 घंटे तक अवैध रूप से हवालात में रखा गया था, वहीं गांव के सरपंच रघुराज सिंह ने कहा है कि बीर सिंह के साथ पुलिस ने मारपीट नहीं की है। बीर सिंह के कथित रिश्वत लेने के मामले से भी उन्होंने अनिभिज्ञता जाहिर की है।


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