करगिल युद्ध के बाद भारत-पाक के डीजीएमओ की पहली बैठक

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Monday, December 23, 2013-9:15 PM

नई दिल्ली: करगिल युद्ध के बाद अपनी पहली बैठक में भारतीय डीजीएमओ अपने पाकिस्तानी समकक्षों के साथ बैठक करने के लिए पाकिस्तान की तरफ वाली वाघा सीमा में जाएंगे। बैठक में एलओसी पर संघर्ष विराम को सुनिश्चित करने के लिए चर्चा किए जाने की उम्मीद है और सीमा पार से हो रहे हमलों पर अपना विरोध दर्ज कराने की उम्मीद है।

सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) की बैठक का प्रस्ताव पिछले सप्ताह पाकिस्तान ने दिया था और भारत ने इसे स्वीकार कर लिया था। यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ द्वारा तनाव को कम करने के लिए इस बैठक का प्रस्ताव करने के तीन महीने बाद दिया गया। बैठक में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल विनोद भाटिया करेंगे जबकि पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व उनके पाकिस्तानी समकक्ष मेजर जनरल आमिर रियाज करेंगे।

बैठक के दौरान भारतीय पक्ष के इस साल पाकिस्तानी सैनिकों के सीमा पार हमले करने का मुद्दा उठाने की उम्मीद है। उसमें सात से अधिक भारतीय सैनिक मारे गए है। इस साल जनवरी और अगस्त में दोनों घटनाओं के दौरान काफी तनाव व्याप्त था। भारतीय सेना प्रमुख जनरल बिक्रम सिंह ने बाद में कहा था कि भारतीय पक्ष ने अपनी पसंद के समय और स्थान पर जवाबी कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित रखा है।


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