नौसेना को मिलेंगे गहरे सागर में बचाव कार्य में सक्षम पोत

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Monday, December 23, 2013-9:32 PM

नई दिल्ली: आईएनएस सिंधुरक्षक पनडुब्बी के समुद्र में डूब जाने की घटना में 18 लोगों की मौत की पृष्ठभूमि में रक्षा मंत्रालय ने गहरे सागर में बचाव कार्य में सक्षम दो पोतों की खरीद के प्रस्ताव को आज मंजूरी प्रदान कर दी। गहरे समुद्र में काम करने में सक्षम डीप सबमर्जेस रेस्क्यू व्हीकल (डीएसआरवी) हासिल करने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। लेकिन अगस्त में हुई दुर्घटना के बाद इसकी जरूरत अधिक महसूस की जाने लगी।

रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) ने नौसेना के लिए दो डीएसआरवी खरीदने के लिए 1500 करोड़ रूपए के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। उन्होंने कहा कि रूसी मूल की किलो श्रेणी की पनडुब्बी सिंधुरक्षक बंदरगाह के अंदर दुर्घटनाग्रस्त हुई और डीएसआरवी पोतों से चालक दल के सदस्यों को नहीं बचाया जा सकता था लेकिन गहरे सागर में ऐसी स्थिति होने पर ऐसे पोत मददगार साबित हो सकते हैं।

बैठक में पनडुब्बी रोधी युद्धक पोतों के देश में निर्माण के लिए 13,000 करोड़ रूपए के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गयी। ऐसे पोत तटीय क्षेत्र में कारगर होंगे। उन्होंने कहा कि नौसेना करीब 700 टन के इन पोतों का उपयोग अपने जल क्षेत्र के पास दुश्मनों की पनडुब्बियों से निपटने के लिए करेगी। इनका इस्तेमाल पोत विरोधी और पनडुब्बी विरोधी बारूदी सुरंगों को बिछाने में भी किया जा सकेगा। इन पोतों का निर्माण पीएसयू शिपयार्ड जीआरएसई द्वारा किए जाने की संभावना है।


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