धर्मनिरपेक्ष भारत में किसी को डरना नहीं चाहिए :राहुल

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Tuesday, December 24, 2013-1:10 AM

नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज अल्पसंख्यक समुदाय में सुरक्षा और निर्भीकता का भाव जगाते हुए कहा कि धर्मनिरपेक्ष भारत में किसी को भी डरना नहीं चाहिए। साथ ही उन्होंने इस समुदाय के नेताओं के साथ पार्टी के घोषणा पत्र की तैयारी पर चर्चा की, जिसमें मुजफ्फरनगर के सांप्रदायिक दंगे और इसके पीड़ितों के पलायन का मुद्दा छाया रहा।

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी के चुनावी घोषणपत्र में शामिल किए जाने वाले जमीनी मुद्दों पर अल्पसंख्यक समुदायों की राय एवं उनकी मांग जानने के लिए यह बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में राहुल गांधी ने मुजफ्फरनगर के निकट शामली के एक राहत शिविर में रह रहे दंगा पीड़ित एक बच्चे के डर का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘इस देश में किसी को डर नहीं लगना चाहिए, चाहे वह किसी भी समुदाय का हो। यह एक धर्मनिरपेक्ष देश है।’’ कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि जब उन्होंने उस बच्चे से उसकी समस्या पूछी तो उसने जवाब दिया कि उसे अपने गांव लौटने से डर लगता है।

गौरतलब है कि राहुल गांधी ने कल उप्र में शामली के राहत शिविरों में रह रहे विस्थापित दंगा पीड़ितो के पास जाकर उनसे मुलाकात की और उनकी परेशानियों को जानने का प्रयास किया था। इस परामर्श बैठक में राहुल का कहना था कि घोषणापत्र सिर्फ कागज का टुकड़ा न रहे बल्कि कार्य रूप में लाया जाने वाला दस्तावेज बने। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की सबसे बड़ी समस्या नेतृत्व विकास की है। जब तक पंचायत, विधानसभा, लोकसभा स्तर पर नेतृत्व का विकास नहीं होगा, भ्रष्टाचार नहीं जाने वाला और सभी समस्याओं का हल नहीं होने वाला है।


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