राष्ट्रवाद मेरे लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत : आडवाणी

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Tuesday, December 24, 2013-1:55 AM

नई दिल्ली: भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आज कहा कि राष्ट्रवाद उनके लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत है। उन्होंने कहा, ‘‘अपने समूचे जीवन के दौरान अगर किसी चीज ने मुझे सबसे अधिक प्रेरित किया है तो वह है राष्ट्रवाद। मुझे यह अहसास सबसे पहले तब हुआ जब मैं स्कूल और कॉलेज में था और 14 साल की उम्र में आरएसएस का स्वयंसेवक बना।’’

आडवाणी ने कहा कि उस वक्त यह अहसास था कि भारत को स्वतंत्र होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह तब आहत हुए जब उन्होंने ट्रेनों में देखा कि सभी हटाए जाने योग्य उपकरणों पर लिखा था ‘‘जीआईपी से चुराई गई।’’ एक पुस्तक विमोचन समारोह में आडवाणी ने कहा कि यह धारणा थी कि भारत में लोग चोर हैं और जिसने भी वस्तु को उठाया तो उसपर लिखा रहेगा कि यह रेलवे की है।

उन्होंने कहा कि वह तब भी नाखुश हुए जब उन्होंने कैथरीन मेयो की पुस्तक ‘मदर इंडिया’ जैसी पुस्तकों का अध्ययन किया। उसे महात्मा गांधी ने भी ‘‘गटर इंस्पेक्टर रिपोर्ट’’ बताया था। आडवाणी ने कहा कि उन्होंने उन सभी पुस्तकों को पढ़ा जो मेयो की पुस्तक के खंडन में लिखी गई थी।

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि यद्यपि उन्होंने अनेक पुस्तकों का विमोचन किया है लेकिन वह खासतौर पर तब खुश हुए जब उन्हें पता चला कि बेहद विद्वान लोग प्राचीन भारत के इतिहास को लिखने के लिए साथ आए हैं। वरिष्ठ पत्रकार अरूण शौरी ने कहा कि लोगों को संस्थानों पर काफी निर्भर नहीं होना चाहिए और जब संस्थानों का समर्थन नहीं था तब भी विद्वतापूर्ण कार्य संभव था। आरएसएस विचारक एस गुरमूर्ति और खुफिया ब्यूरो के पूर्व निदेशक अजीत डोभाल भी इस दौरान मौजूद थे।


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