दहेज हत्या मामले में पति व सास की अपील खारिज

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Tuesday, December 24, 2013-8:08 PM

नई दिल्ली : दहेज हत्या के मामले में सात साल कैद की सजा पाए आरोपी पति व सास को दिल्ली उच्च न्यायालय ने राहत देने से इंकार कर दिया है। यह मामला (वर्ष 1997) बाहरी दिल्ली में स्थित मंगोलपुरी इलाके की है।

न्यायमूर्ति एस.पी.गर्ग ने आरोपी पति गोपी व उसकी मां शांति देवी की तरफ से दायर अपील को खारिज कर दिया है। खंडपीठ ने मृतका के मरने से पहले दिए गए बयान पर विश्वास करते हुए उनको दी गई सजा को उचित ठहराया है। इन दोनों ने निचली अदालत के आदेश को न्यायालय के समक्ष चुनौती दी थी।

दोनों आरोपियों की तरफ से अपील में कहा गया था कि पीड़िता ने खुद अपने ऊपर किरोसिन तेल ड़ालकर आग लगाई थी। उसने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि उसका शादी से पहले किसी अन्य लड़के से अफेयर था और वह इस शादी से दुखी थी।

हालांकि खंडपीठ ने उनकी इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि आरोपी उस लड़के का नाम भी नहीं बता पाए जिससे मृतका के अफेयर की बात कही गई है। ना ही यह साबित हो पाया है कि मृतका किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। अदालत ने कहा कि मृतका ने मरने से पहले दिए बयान में बताया था कि उसकी कई बार पिटाई की गई थी। उसने अपनी सास पर भी प्रताडऩा का आरोप लगाया था।
 


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