मायावती के साथ गठजोड़ की संभावना तलाश रही है कांग्रेस

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Wednesday, December 25, 2013-4:00 PM

नई दिल्ली: बताया जाता है कि कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव में मायावती की बसपा एवं लालू प्रसाद के राजद के साथ गठजोड़ की संभावना तलाश रही है। इससे पार्टी की लोकसभा में कुल 120 सीटें देने वाले बिहार एवं उत्तर प्रदेश में संभावनाएं बेहतर हो सकती हैं। कांगे्रस के एक वरिष्ठ नेता ने अपनी पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि इस प्रकार के गठजोड़ में यदि रामविलास पासवान की लोजपा भी शामिल कर ली गयी तो उसे झारखंड की 14 लोकसभा सीटों पर भी लाभ मिल सकता है।

इस तरह के गठबंधन का हरियाणा एवं पंजाब जैसे राज्यों में भी प्रभाव पड़ेगा। उनका तर्क है कि यदि कांगे्रस का उत्तर भारत में मायावती, लालूप्रसाद एवं रामविलास पासवान के साथ गठबंधन हो गया तो संप्रग तीन वास्तविकता में तब्दील हो सकती है।
पार्टी में यह सोच चल रही है कि कांगे्रस बसपा का गठबंधन उत्तर प्रदेश में मजबूत गठजोड़ बन सकता है।

मुजफ्फरनगर दंगों के कारण भाजपा अपनी स्थिति मजबूत मान रही है जबकि सत्तारूढ़ सपा बचाव वाली स्थिति में है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर के राहत शिविरों में राहुल गांधी के दौरे से अल्पसंख्यकों के बीच सकारात्मक संदेश गया है। उन्होंने कहा कि समुदाय के दबाव के चलते मायावती कांग्रेस के साथ गठजोड़ करने के लिए मजबूर हो सकती है।

मायावती अभी तक इस बात पर कायम हैं कि उनकी पार्टी का लोकसभा चुनाव में किसी के साथ गठबंधन नहीं होगा। कांगे्रस में समीकरण यह है कि यदि उसे उत्तर में गठबंधन करने में सफलता मिल गयी तो उसे दक्षिण में भी सहयोगी मिल जायेंगे तथा संप्रग छोड़कर जाने वालों में से कुछ वापस लौट आयेंगे। भाजपा नरेन्द्र मोदी को अपना प्रधानमंत्री प्रत्याशी बनाने के बाद अपनी चुनावी रणनीति में उत्तर प्रदेश एवं बिहार पर बहुत अधिक ध्यान दे रही है।

कांगे्रस ने वरिष्ठ नेता ए के एंटनी के नेतृत्व में एक समिति बनायी है जो गठबंधन के मुद्दों पर विचार करेगी। एंटनी अगले लोकसभा चुनाव के लिए संगठन की तैयारियों के बारे में 17 जनवरी को यहां होने वाली अखिल भारतीय कांगे्रस समिति की बैठक में पारित किये जाने वाले प्रस्ताव की मसौदा समिति के भी अध्यक्ष हैं।

एआईसीसी बैठक में राजनीतिक, सामाजिक एवं आर्थिक मुद्दों पर केवल एक प्रस्ताव होगा और इसमें गठबंधन के बारे में पार्टी का रूख तय होगा। यह बैठक इन अटकलों के बीच हो रही है कि राहुल गांधी को पार्टी का प्रधानमंत्री प्रत्याशी बनाया जा सकता है। संप्रग के दूसरे सबसे बड़े घटक राकांपा पहले ही यह घोषणा कर चुकी है कि चुनाव में कांगे्रस के साथ गठबंधन करेगी। संप्रग के अन्य घटकों में अजीत सिंह की रालोद, नेशनल कांग्रेस एवं आईयूएमएल हैं। द्रमुक ने इस साल के शुरू में ही संप्रग से नात तोड़ लिया था जबकि तृणमूल कांग्रेस पिछले साल ही ऐसा कर चुकी थी। (एजेंसी)
 


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