एचएएल की क्षमताओं का गैप एनालिसिस कर रही डसॉल्ट

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Wednesday, December 25, 2013-6:19 PM

नई दिल्ली : भारत को 126 राफेल लड़ाकू विमानों की आपूर्ति की तैयारी कर रही फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन एयरोस्पेस पीएसयू एचएएल की लड़ाकू विमान उत्पादन क्षमताओं का गैप एनालिसिस कर रही है ताकि समुन्नयन की अनुशंसा कर सके।

भारतीय वायु सेना को 126 मध्यम-बहु भूमिका लड़ाकू विमानों की आपूर्ति के अनुबंध के हिस्से के तौर पर 108 राफेल लड़ाकू विमानों का उत्पादन करने के लिए डसॉल्ट एविएशन और एचएएल को साथ मिलकर काम करना है।

एचएएल के अधिकारियों ने बताया कि  डसॉल्ट एम-एमआरसीए अनुबंध से संबंधित पैकेजों पर काम करने के लिए एचएएल के विभिन्न संभागों के साथ संवाद कर रहा है। प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के हिस्से के तौर पर डसॉल्ट जरूरी उत्पादन क्षमता की अनुंशसा कर रहा है।

गैप एनालिसिस (कमी विश्लेषण) करके मानदंडों के अनुसार एचएएल सुविधाओं को समुन्नत बनाने की योजना बनाएगी। रक्षा मंत्रालय और फ्रांसीसी कंपनी अब भी सौदे पर बातचीत की प्रक्रिया में है। इसपर उम्मीद है कि सरकार को 60 हजार करोड़ रपये से अधिक खर्च करने होंगे।

एचएएल कार्यक्रम में अग्रणी इंटिगरेटर है और वह परियोजना के कार्यान्वयन के लिए तैयारियां कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि एचएएल ने मई 2012 में समर्पित पूर्णकालिक एमएमआरसीए परियोजना समूह का गठन किया है और वह तब से काम कर रही है।

डसॉल्ट भारत में विमान उत्पादन में रिलायंस इंडस्ट्रीज को मुख्य भागीदार बनाना चाहती थी लेकिन भारत सरकार ने साफ कर दिया कि यह संभव नहीं है क्योंकि खरीद के लिए निविदा में साफ तौर पर कहा गया है कि एयरोस्पेस पीएसयू हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) परियोजना के लिए अग्रणी इंटिगरेटर होगी।
  


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