बेटियों ने मांगी पिता के लिए रहम की भीख

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Wednesday, December 25, 2013-8:27 PM

नई दिल्ली(मनीषा खत्री): हवस में अंधे एक पिता ने अपनी इच्छापूर्ति के लिए भले ही अपनी बेटी की इज्जत को तार-तार कर दिया हो,परंतु अब उसकी बेटियों ने ही अदालत के समक्ष उसके लिए रहम की भीख मांगी है।

मां से महरूम इन लड़कियों के दर्द ने हाईकोर्ट को भी झकझोर दिया। नतीजन अदालत ने भी दरियादिली दिखाते हुए आरोपी पिता को दी गई सजा को कम कर दिया। आरोपी पिता को निचली अदालत ने उम्रकैद की सजा दी थी। जिसे अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस आरोपी पिता को मिली उम्रकैद की सजा को घटाकर दस साल कर दिया है।

न्यायालय ने कहा कि आरोपी पांच साल पहले ही जेल में बिता चुका है। ऐसे में उसे पांच साल के बाद जेल से रिहा कर दिया जाए। न्यायमूर्ति कैलाश गंभीर व न्यायमूर्ति इंद्रमीत कौर ने आरोपी की सजा को कम करते हुए कहा कि आरोपी ने बहुत ही जघन्य अपराध किया है,जो उसने खुद अपनी बेटी के प्रति किया है। इस अपराध के लिए उसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

उन्होने कहा कि ऐसे में अदालत की हमदर्दी इन बच्चों के प्रति ही जाती है। जो अपने पिता को जेल से बाहर लाना चाहते हैं। इस समय इन लड़कियों की उम्र १५,१४ व ११ साल है। इस समय उनकी देखभाल उनकी मामी कर रही है और एक एन.जी.ओ उनके स्कूल फीस व अन्य जरूरतों को पूरा कर रही है।

मामी ने करवाई थी शिकायत दर्ज:
अभियोजन पक्ष के अनुसार रमेश(बदला हुआ नाम)एक फैक्ट्री में काम करता था। जनवरी २००९ में उसने अपनी दस साल की बेटी से दुष्कर्म किया था। उसकी पत्नी पहले ही मर चुकी है। वह अपनी तीन बेटियों के साथ रहता था। घटना वाले दिन तीन बेटियां अपने कमरे में सो रही थी। पीड़िता ने इस घटना के बारे में अपनी मामी को बताया था,जिसके बाद पुलिस को शिकायत की गई थी।

मामी हड़पना चाहती है घर, इसलिए फंसाया:
रमेश ने अपनी अपील में कहा था कि उसे बच्चों की मामी ने हमें फंसाया है। चूंकि वह उसके घर पर अपना कब्जा जमाना चाहती है।  घर बच्चों की नानी के नाम पर था,जो उनको दे दिया गया था। वही मेडिकल में दुष्कर्म की बात साबित नहीं हुई। न ही पुलिस ने ८-११ साल की उम्र के अन्य बच्चों को गवाह बनाया।

सरकार दे बच्चियों को मुआवजा:
न्यायालय ने इस मामले में सरकार को निर्देश दिया है कि वह इन लड़कियों को तीन लाख रुपए मुआवजे के तौर पर दें। साथ ही एन.जी.ओ व उनकी मामी को निर्देश दिया है कि जब तक आरोपी जेल से बाहर नहीं आ जाता है, तब तक वह इन लड़कियों का ध्यान रखें। 


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