मीरा कुमार को 2038 तक अलॉट किया गया आलीशान बंगला

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Thursday, December 26, 2013-12:38 PM

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनावों से शुरुआत कर राजनीति की नई परिभाषा सबके सामने पेश की। वहीं दूसरी तरफ पुराने ढर्रे पर राजनीति बन रही है। इन दिनों दो चेहरे काफी चर्चा में हैं। एक है दिल्ली के भावी मुख्यमंत्री और आप पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का तो दूसरा है लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार का। केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनने पर लुटियंस दिल्ली में बंगला दिया जा रहा है जिसे केजरीवाल ने लेने से साफ इंकार कर दिया वहीं दूसरी तरफ मीरा कुमार को साल 2038 तक 6 कृष्णा मेनन मार्ग पर आलीशान बंगला मिला है।

 

25 साल के लिए ये बंगला उनके दिवंगत पिता और पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम फाउंडेशन के नाम पर अलॉट किया गया है। सूत्रों के अनुसार आम आदमी की तरह ही रहने का दावा करने वाले केजरीवाल ने लाल बत्ती की गाड़ी और यहां तक की सुरक्षा लेने से भी इंकार कर दिया है। दूसरी तरफ मीरा कुमार का बंगले के लिए इतना स्नेह कि  पद न रहे तो भी आगे 25 साल का इंतजाम है। मीरा कुमार को ये बंगला उनके पिता और देश के पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम के नाम पर चल रहे फाउंडेशन को आवंटित किया गया है।

 

इस फाउंडेशन की शुरुआत 14 मार्च 2008 को हुई थी। डायरेक्टरेट और एस्टेट्स की वेबसाइट ई-आवास के मुताबिक ये बंगला 1 जुलाई 2038 तक बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन को दे दिया गया है। बाबू जगजीवन राम काफी लंबे समय तक इस बंगले में रहे और उनके निधन के बाद उनकी पत्नी इंद्राणी देवी को यह बंगला सौंप दिया गया। इसके बाद  2004 में बंगला मीरा कुमार को सौंप दिया गया जब वे यूपीए सरकार में मंत्री बनीं।

 

इसके बाद 2009 में यूपीए के दूसरे कार्यकाल में मीरा कुमार जब लोकसभा स्पीकर बनीं तो वो 20 अकबर रोड पर बने स्पीकर आवास पर शिफ्ट हो गईं। लेकिन सरकारी संपत्ति का रख-रखाव करने वाले केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के मुताबिक उन्होंने कृष्ण मेनन मार्ग वाला बंगला खाली नहीं किया। जबकि डायरेक्टरेट ऑफ एस्टेट्स ने दावा किया कि 2009 से 2013 के बीच में ये बंगला किसी के पास नहीं था लेकिन आरटीआई के जरिए CPWD रिकॉर्ड से मिली जानकारी के मुताबिक ये बंगला मीरा कुमार के नाम था और उन पर इसका 1 करोड़ 98 लाख किराया भी बकाया था।

 

हालांकि बाद में यह  किराया माफ कर दिया गया। 2002 में  कैबिनेट ने फैसला किया था कि सरकारी आवास को स्मारक नहीं बनाया जा सकता बावजूद इसके नियम कायदे को ताक पर रखा गया है। इन्हीं बातों को लेकर इन दिनों केजरीवाल और मीरा कुमार चर्चा में हैं।


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