पहले भी लगे रसूखदारों के दामन पर दाग, इस साल कुछ नाम सामने आ गए

  • पहले भी लगे रसूखदारों के दामन पर दाग, इस साल कुछ नाम सामने आ गए
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Thursday, December 26, 2013-1:55 PM

नई दिल्ली: दिल के मचल जाने की फितरत के चलते पहले भी कई रसूखदारों के दामन पर दाग लगते रहे हैं लेकिन इस साल कुछ बड़े नाम सामने भी आ गए। अनेक महत्वपूर्ण मामलों का निबटारा करने के बाद उच्चतम न्यायालय से सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति ए के गांगुली पर युवा इंटर्न ने यौन शोषण का आरोप लगाया। पश्चिम बंगाल राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गांगुली इस आरोप का खंडन करते हैं जबकि आरोप के चलते उनको पद से हटाने की मांग तेज होती जा रही है। इस इंटर्न ने नवंबर के शुरू में एक कानूनी न्यूज पोर्टल से कहा था कि ‘हाल ही में सेवानिवृत्त हुए’ न्यायाधीश के पास वह इंटर्न के रूप में काम कर रही थी और उन्होंने उसका यौन शोषण किया था।

 

उच्चतम न्यायालय ने तत्परता से सारे मामले की जांच के लिए तीन न्यायाधीशों की समिति गठित कर दी थी। इंटर्न के आरोप के घेरे में आए न्यायाधीश का नाम 29 नवंबर को उस समय सार्वजनिक हुआ जब शीर्ष अदालत के एक अधिकारी ने बताया कि न्यायाधीशों की समिति ने इंटर्न के साथ ही न्यायमूर्ति गांगुली का बयान भी दर्ज किया है। उच्चतम न्यायालय के तीन न्यायाधीशों की समिति न्यायमूर्ति ए के गांगुली के खिलाफ शिकायत करने वाली कानून की इंटर्न के बयान से इस निष्कर्ष पर पहुंची कि पहली नजर में उनका (गांगुली का) आचरण ‘अवांछित’ और ‘यौन’ प्रकृति का था।

 

गांगुली के आरोप नकारने के बाद इंटर्न ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के संकेत दिए हैं। प्रवचनकर्ता आसाराम और उसके पुत्र नारायण साईं पर सूरत की दो बहनों ने यौन उत्पीडऩ़ का आरोप लगाया है। फिलहाल आसाराम और साईं दोनों जेल में हैं।  बड़ी बहन ने अपनी शिकायत में आसाराम के खिलाफ आरोप लगाया है कि उसने वर्ष 1997 से 2006 के बीच लगातार उसका यौन उत्पीड़ऩ किया। उस समय पीड़िता अहमदाबाद के बाहरी इलाके में बने आसाराम के आश्रम में रह रही थी। नाबालिग का यौन उत्पीड़न करने के आरोप में आसाराम को सितंबर में गिरफ्तार किया गया था और उसके बाद से वह जोधपुर जेल में न्यायिक हिरासत में है।

 

छोटी बहन ने साईं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि उसने वर्ष 2002 से 2005 तक लगातार उसका यौन उत्पीड़न किया। उस दौरान पीड़िता सूरत आश्रम में रह रही थी। इस शिकायत के बाद करीब दो माह तक फरार रहे साई को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 4 दिसंबर को दिल्ली-हरियाणा सीमा से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने सिख जैसा वेश बना रखा था। ‘तहलका’ समाचार पत्रिका के संपादक तरुण तेजपाल 30 नवंबर से जेल में हैं क्योंकि उन पर अपनी महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़ऩ करने का आरोप है।

 

यह पूरा मामला 20 नवंबर को उस वक्त सामने आया जब स्टिंग ऑपरेशनों के जरिए खोजी पत्रकारिता करने के लिए मशहूर तेजपाल ने यह स्वीकार किया कि उन्होंने महिला पत्रकार से ‘दुर्व्यवहार’ किया। तेजपाल ने अपने माफीनामे में यह भी कहा कि वह अपने पद से छह महीने के लिए खुद को अलग कर रहे हैं। मामला सामने आने के बाद तेजपाल के रूख में बार-बार बदलाव आता रहा। उन्होंने  यह दावा भी किया कि महिला पत्रकार के साथ जो कुछ हुआ वह आपसी सहमति से हुआ था।

 

उन्होंने पीड़िता की निष्ठा पर भी सवाल उठाए। मध्यप्रदेश के ग्वालियर स्थित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (डीआरडीई) में वर्ष 2010-11 के दौरान प्रोजेक्ट कार्य के लिए आई एक छात्रा की छेड़छाड़ संबंधी प्राथमिकी के बाद संस्थान के वैज्ञानिक प्रभात गर्ग ने 3 दिसंबर को विश्वविद्यालय पुलिस थाने में आत्मसमर्पण कर दिया।  पुलिस में दर्ज एफआईआर में पीड़िता ने कहा है कि वर्ष 2010-11 में डीआरडीई में गर्ग की देखरेख में ‘प्रोजेक्ट वर्क’ करने के दौरान गर्ग ने उससे छेड़छाड़ शुरू कर दी तथा शारीरिक संबंध कायम करने का दबाव बनाने लगा।

 

अपने करियर को लेकर वह दो साल चुप रही लेकिन फिर प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ कर उसने विवाह कर लिया और कर्नाटक में पति के साथ रहने लगी। लेकिन आरोपी पत्र के जरिये उसे ब्लैकमेल करता रहा। अंतत: उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के विधि विभाग के अध्यक्ष प्रो एम शब्बीर के विरद्ध एक छात्रा ने यौन उत्पीड़ऩ का आरोप लगाया और उसके पिता ने थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। संस्थान के महिला शिकायत प्रकोष्ठ ने अपनी रिपोर्ट में प्रो शब्बीर को प्रथम दृष्टया दोषी करार दिया जिसके बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

 

उत्तराखंड के अपर गृह सचिव जे पी जोशी नौकरी का झांसा देकर युवती से कथित दुष्कर्म करने के मामले में जेल में बंद हैं। उन्हें सेवा से निलंबित किया जा चुका है। जयपुर में पुलिस ने सीकर डेयरी के सेवानिवृत प्रंबध निदेशक रणवीर सिंह गोदारा को जयपुर के एक इलेक्ट्रॉनिक चैनल की एक महिला पत्रकार को बड़ी खबर देने के बहाने अपने घर ले जाकर अभद्रता करने के आरोप में 5 दिसंबर को गिरफ्तार किया। पणजी के मोरजिम गांव में एक योग शिक्षक को 25 वर्षीय एक डच महिला से बलात्कार करने के आरोप में 10 दिसंबर को गिरफ्तार किया गया।

 

आरोपी महिला को योग सिखाता था और कथित अपराध के बाद नदारद हो गया था। चेन्नई में एक पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा यौन उत्पीड़ऩ की शिकायत के बाद एक निजी टेलीविजन चैनल के संपादक को 21 दिसंबर की देर रात को, उसके आवास से गिरफ्तार कर लिया गया।


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