जासूसी कांड आयोग गठन पहले होता तो मोदी जेल में होते: बेनी

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Friday, December 27, 2013-3:25 AM

नई दिल्ली: केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने कहा है कि गुजरात में एक युवती की जासूसी कराये जाने के आरोपों की जांच के लिए आयोग का गठन पहले हो गया होता तो गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आज जेल में होते। वर्मा ने आज अपने सरकारी निवास पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस आयोग का गठन काफी पहले हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि गठन पहले हो गया होता तो अब तक सच्चाई सामने आ जाती और मोदी जेल चले गए होते। यह पूछे जाने पर की इस कांड की पीड़ित लडकी के पिता का यह कहना है कि जासूसी लड़की की सुरक्षा के लिए कराई गई थी, वर्मा ने कहा लड़की तो नहीं कह रही है। उन्होंने कहा कि पिता के कहने से मोदी बेगुनाह नहीं हो जाते पीड़ित तो लड़की है।

गौरतलब है कि मंत्रिमंडल ने गुजरात में एक युवती की जासूसी कराये जाने के आरोपों की जांच के लिए एक जांच आयोग गठित करने का फैसला किया है। दो खोजी पोर्टल कोबरापोस्ट और गुलेल ने 15 नवंबर को दावा किया था कि 2009 में गुजरात के तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह ने राज्य पुलिस के एटीएस को एक युवती की अवैध रूप से जासूसी कराने को कहा था। पोर्टलों ने इसके पक्ष में शाह और एक पुलिस अधिकारी के बीच कथित टेलीफोन बातचीत का टेप भी जारी किया था। गुजरात सरकार हालांकि पहले ही एक राज्य स्तरीय जांच आयोग बना चुकी है लेकिन कुछ दलों का कहना है कि यह मोदी सरकार का मामले को रफा-दफा करने का प्रयास है। कांग्रेस तथा कुछ महिला और मानवाधिकार संगठनों ने केंद्र सरकार से इस मामले की जांच के लिए आयोग गठित करने का अनुरोध किया था। उनका कहना था कि इस मामले में गुजरात के अलावा दूसरे राज्यों में उस युवती का टेलीफोन टैप कराया गया इसलिए केंद्र को इसकी जांच करानी चाहिए।


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