हाईकोर्ट ने पति पर लगाया 55 हजार रुपए जुर्माना

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Thursday, December 26, 2013-10:41 PM

नई दिल्ली (मनीषा खत्री): वर्ष 2010 की सुपर अमीरों की सूची में शामिल एक व्यवसायी की याचिका खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि उसे अपनी पत्नी व बेटी के लिए 1.25 लाख रुपए मासिक गुजारा भत्ता देना होगा।

इसके अलावा कोर्ट ने कहा कि व्यवसायी को 55 हजार रुपए जुर्माना व एक लाख रुपए मुकद्मे के खर्च के तौर पर देने होंगे। न्यायमूर्ति एस.रवींद्र भट्ट व न्यायमूर्ति नजमी वजीरी ने याचिकाकर्ता विशाल(बदला हुआ नाम) की याचिका को खारिज करते हुए फैमिली कोर्ट के आठ फरवरी 2013 को दिए गए आदेश को सही ठहराया है। जिसमें उसे गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया गया था।

खंडपीठ ने कहा कि विशाल ने अपनी आय छुपाई है। उसकी पत्नी ने अदालत को बताया है कि उसे अपने घर में किस तरह की सुविधाएं मिलती थी और उसकी बेटी कैसा जीवन जी रही थी। खंडपीठ ने विशाल की उस दलील को भी खारिज कर पत्नी और बेटी को 1.25 लाख रुपए गुजारा भत्ता देने की बात कही है।

विशाल और संगीता (बदला हुआ नाम) ने 26 नवम्बर 2001 को प्रेम विवाह किया था। विशाल के परिजन इस शादी के खिलाफ थे। दोनों गुडग़ांव में किराए के मकान में रहना शुरू कर दिया। बाद में जब संगीता गर्भवती हुई तो साकेत में रहने वाले उसके सास-ससुर ने उनको अपने पास बुला लिया। 4 सितम्बर 2002 को उनकी एक बेटी हुई।

लेकिन इसी दौरान उनके बीच दरार पड़ गई और मार्च 2008 में वह अलग हो गए। बीच में एक बार उनके बीच समझौता हुआ और संगीता ने अपनी बेटी के साथ पति के साथ रहना शुरू कर दिया। लेकिन विशाल ने अदालत में अपनी बेटी की कस्टडी की अर्जी लगा दी। जिस कारण संगीता ने फिर से जुलाई 2009 में अपने व अपनी बेटी के लिए गुजारे भत्ते की अर्जी दायर कर दी।


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