‘गिरफ्तारी के वक्त देवयानी संयुक्त राष्ट्र के भारतीय मिशन का हिस्सा थीं’

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Friday, December 27, 2013-12:56 AM

नई दिल्लीः न्यूयार्क में गिरफ्तार की गईं भारतीय राजनयिक देवयानी खोबरागड़े मामले में सूत्रों ने अमेरिका के खिलाफ भारत का पक्ष मजबूत बताया है। सूत्रों का कहना है कि जब देवयानी को गिरफ्तार किया गया, उस समय भी वह न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र के भारतीय मिशन में सलाहकार के रूप में सेवारत थीं, इसलिए उन्हें राजनयिक प्रतिरक्षा हासिल थी।

मैनहट्टन के भारतीय मूल के संघीय एजेंट प्रीत भरारा के कार्यालय द्वारा इस मामले में देवयानी द्वारा अपनी नौकरानी संगीता रिचर्ड के वीजा के लिए दिए गए आवेदन को पढऩे में हुई गलती सामने आने के बाद देवयानी के संयुक्त राष्ट्र में कार्यरत रहने संबंधी खुलासा किया गया। सूत्रों के अनुसार, न्यूयार्क में भारतीय उप महावाणिज्य दूत देवयानी को ‘‘26 अगस्त, 2013 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा न्यूयार्क में संयुक्त राष्ट्र के भारतीय स्थायी मिशन का सलाहकार नियुक्त किया गया था।’’

सूत्रों ने बताया कि सलाहकार के रूप में संयुक्त राष्ट्र में उनका कार्यकाल 31 दिसंबर, 2013 तक वैध है। सूत्रों के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में सेवारत रहने के नाते देवयानी को व्यक्तिगत गिरफ्तारी और हिरासत में रखे जाने एवं व्यक्तिगत वस्तुओं को जब्त करने से प्रतिरक्षा प्राप्त थी। एक सूत्र ने बताया, अत: 12 दिसंबर को हुई उनकी गिरफ्तारी उस दिन उनके राजनयिक विशेषाधिकार के खिलाफ की गई।


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