राहत शिविर में बच्चों की मौत पर गृह सचिव ने दिया बेतुका बयान

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Friday, December 27, 2013-10:02 AM

मुजफ्फरनगर: मुजफ्फरनगरके रिलीफ कैंपों में बच्चों की हुई मौत पर गृह सचिव ए के गुप्ता ने गैरजिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि ठंड से कोई नहीं मरता, ठंड से मौत होती तो सबसे ज्यादा मौत साइबेरिया में होती। 

 
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार मुजफ्फरनगर के लोई तथा शामली के मदरसा तैमूल शाह, मलकपुर, बरनवी तथा ईदगाह में कुल पांच शिविरों में 4,783 लोग अब भी रह रहे हैं।
 
यह पूछे जाने पर कि क्या राहत शिविरों में ‘‘षड्यंत्रकारी’’ भी रह रहे हैं, प्रधान सचिव (गृह) ए के गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा कि समिति ने कहा है कि शिविरों में सिर्फ विस्थापित लोग ही रह रहे हैं। 
 
ठंड के कारण राहत शिविरों में बच्चों की मौत होने के आरोपों के बीच गुप्ता ने कहा, ‘‘ मृतक बच्चों में से ज्यादातर वे हैं जिन्हें उनके माता-पिता इलाज के लिए शिविरों से बाहर ले गए थे, या फिर जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में भेजा गया था।’’ गुप्ता ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सात सितम्बर से 20 दिसम्बर के बीच 34 बच्चों की मृत्यु हुई है। 

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