वर्ष 2013 में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर भारी पड़े आतंकवादी

  • वर्ष 2013 में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर भारी पड़े आतंकवादी
You Are HereNational
Saturday, December 28, 2013-3:08 PM

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में वर्ष 2013 के दौरान आतंकवाद संबंधी घटनाओं में काफी कमी आर्इ लेकिन उग्रवादी सुरक्षा बलों पर काफी भारी पड़े और उन्होंने पिछले दो सालों की कुल घटनाओं के मुकाबले अधिक सुरक्षा बलों को अपना निशाना बनाया। इस वर्ष आतंकवादियों के हमले में 61 सुरक्षाकर्मी मारे गए जो वर्ष 2012 की घटनाओं के मुकाबले सौ फीसदी इजाफा है । वर्ष 2012 और वर्ष 2011 में कुल मिलाकर आतंकवादी घटनाओं में 47 सैन्यकर्मी शहीद हुए थे। 

पिछले वर्ष सुरक्षा बलों ने 119 उग्रवादियों को मार गिराया था लेकिन इस वर्ष यह संख्या कम होकर 97 ही रही। वर्ष 2011 में 84 उग्रवादी मारे गए थे। हालांकि पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार कहती रही कि वर्ष के दौरान प्रदेश में आतंकवाद संबंधी घटनाओं में करीब 30 फीसदी की कमी आयी है लेकिन इसके बावजूद आतंकवाद सुरक्षा बलों के लिए एक गंभीर चुनौती बना रहा । 

सुरक्षा एजेंसियों का यह भी कहना था कि नियंत्रण रेखा के उस पार से कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ में भी कमी देखी गयी । हालांकि इसके लिए प्रयास तो काफी हुए। अक्तूबर में , राज्य के पुलिस प्रमुख अशोक प्रसाद ने कहा कि पिछले 23 सालों में राज्य में आतंकवादी हिंसा सबसे कम रही। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से हिंसा में 30 फीसदी की कमी आर्इ है और उन्होंने इसका श्रेय सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय को दिया। 


विवाह प्रस्ताव की तलाश कर रहे हैं ? भारत मैट्रीमोनी में  निःशुल्क  रजिस्टर  करें !

Recommended For You