सिसोदिया: पत्रकार से मंत्री तक का सफर

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Sunday, December 29, 2013-11:10 AM

नई दिल्ली: अरविंद केजरीवाल के विश्वस्त सहयोगी मनीष सिसोदिया 2011 में जन लोकपाल विधेयक के लिए अन्ना हजारे की मुहिम के दौरान सुर्खियों में आए थे।  41 वर्षीय सिसोदिया आप की केंद्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी हैं। उन्हें नई  सरकार में शिक्षा, लोक निर्माण विभाग, शहरी विकास, स्थानीय निकाय और भूमि तथा भवन विभाग का प्रभार दिया गया है।

पत्रकारिता से सामाजिक क्षेत्र में आए और फिर नेता बने सिसोदिया ने पटपडग़ंज विधानसभा से भाजपा के नकुल भारद्वाज को 11,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया। वह लंबे समय तक जी न्यूज और आकाशवाणी में पत्रकार बतौर सेवाएं दे चुके हैं। बाद में वह पत्रकारिता छोड़कर सूचना के अधिकार आंदोलन से जुड़ गए।

 
जन लोकपाल आंदोलन के संस्थापक सदस्यों में रहे मनीष विधेयक का पहला खाका तैयार करने वाली टीम के सदस्य थे। जब आंदोलन के दौरान अन्ना हजारे को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तो वह भी जेल गए थे। मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार के भ्रष्ट मंत्रियों के खिलाफ मामलों की जांच के लिए विशेष जांच दल :एसआईटी: बनाने की मांगें लेकर अपने सहयोगियों के साथ 10 दिन का अनशन भी किया था। 
 
उन्होंने अपने हलफनामे में 41,83,942 रुपये की संपत्ति की घोषणा की है। उन्होंने भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता का डिप्लोमा प्राप्त किया था।

 


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