अब करेंगे दिल्ली के भाग्य का फैसला

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Sunday, December 29, 2013-1:55 PM

नई दिल्ली: जिला गाजियाबाद के एक साधारण से टाउनशिप में तीन बेडरूम के फ्लैट में अपने परिवार के साथ रहने वाला एक शख्स देश की राजधानी दिल्ली का मुख्यमंत्री बन गया है। इस छोटे से घर में रहने वाला और आयकर विभाग में कभी पदाधिकारी रहा यह शख्स अरविंद केजरीवाल अब दिल्ली के भाग्य का फैसला करेगा।

जब आप कौशांबी टाउनशिप स्थित गिरनार टावर के फ्लैट नंबर 403 के अंदर दाखिल होंगे आपको यहां कोई भी ऐसी चीज नहीं दिखेगी जिसे देखकर आप यह कह सकें कि यह दिल्ली के मुख्यमंत्री का आवास है। बेहद ही साधारण तरीके से सजे इस घर में केजरीवाल अपनी पत्नी, दो बच्चों और माता-पिता के साथ रहते हैं।

केवल रहन-सहन का तरीका ही नहीं बल्कि केजरीवाल के व्यवक्तित्व में भी उनकी सरलता साफ झलकती है। कौशांबी अपार्टमेंट रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मनोज पांडे बताते हैं ‘हम सौभाग्यशाली हैं कि हमारे बीच एक ऐसा इंसान रहता है जो कि सचमुच एक साधारण व्यक्ति का जीवन जीता है।’ इस इलाके पर गाजियाबाद नगर निगम का अभी तक कोई ध्यान नहीं था, लेकिन अब यहां सड़कों और नालों की सफाई के लिए निगम की पूरी टीम लगी हुई है। अब इस इलाके से कूड़े भी रोज उठाए जाने लगे हैं और पुलिस की गस्त भी बढऩे लगी है।

स्वाभाविक है कि अब यहां लोग पहले सज् (यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। गिरमार टावर के बाहर चाय का स्टॉल लगाने वाले अशोक को भी केजरीवाल का यहां रहना गर्व का अनुभव कराता है। अशोक बताते हैं ‘पहले अरविंद सर और उनकी पत्नी रोज ही टहलने आते थे और उनकी जब भी हम पर नजर पड़ती वे मुस्करा देते थे। हालांकि पिछले कई महीनों से वह मॉर्निंग वाक के लिए नहीं आते हैं। उन्हें अब हम फ्लैट से बाहर निकलते भी कम ही देखते हैं, जब भी दिखते हैं वे पार्टी कार्यकताओं से घिरे होते हैं।

हालांकि अशोक को इसे लेकर कोई सिकवा नहीं है, अशोक कहते हैं ‘वे इस वजह से व्यस्त हो गए हैं क्यों कि वे हम जैसे साधारण लोगों के लिए संघर्ष करने मेें कर रहे हैं। केवल अशोक ही नहीं कौशांबी टाउनशिप के बाहर मौजूद टेलर, सब्जि और जूस बेचने वाले वेंडर भी केजरीवाल की वजह से काफी खुश नजर आते हैं। अशोक बताते हैं कि वहां हमेशा ही टीवी चैनलों के तकरीबन 20 ओवी लगे रहते हैं, जिससे उनका बिजनेस काफी बढ़ रहा है।

दरअसल इन ओवी वैन के साथ आए पत्रकार यहां मौजूद चाय और जूस वाले से खरीदारी करते हैं। गिरनार टावर आयकर विभाग का है और जिस फ्लैट में केजरीवाला का परिवार रहता है उसे उनकी पत्नी सुनीता के नाम आवंटित किया गया है। सुनीता आयकर विभाग में पदाधिकारी हैं। केजरीवाल भी पहले आयकर आयुक्त हुआ करते थे लेकिन सामाज सेवा जैसे कार्यों के लिए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी थी।

केजरीवाल के इस योगदान के लिए उन्हें रेमन मैगसेस अवार्ड भी दिया गया। गिरनार टावर के पास ही मौजूद सुमेरू टावर में रहने वाले अजय मिश्रा बताते हैं ‘हम सभी सह कर्मी रहे हैं लेकिन केजरीवाल हममें सबसे अलग हैं। केजरीवाल शर्मीले होने के साथ ही काफी विनम्र भी हैं।  हालांकि वे अपने पड़ोसी या किसी और से शायद ही बातचीत करते थे। 


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