रमन की हैट्रिक एवं कांग्रेस नेताओं की शहादत के लिए याद रहेगा वर्ष

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Sunday, December 29, 2013-4:36 PM

रायपुर: छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह की सत्ता की हैट्रिक एवं बस्तर की झीरम घाटी में नक्सलियों के हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की शहादत की घटना की वजह से बीत रहा यह वर्ष राज्य के इतिहास में सदैव याद रखेगा। राज्य में इस वर्ष हुए विधानसभा चुनावों में लगातार तीसरी बार भाजपा की सत्ता में वापसी के साथ ही मुख्यमंत्री डा.सिंह ने सत्ता की हैट्रिक बनाई। राज्य गठन के बाद इस वर्ष नवम्बर माह में तीसरी बार विधानसभा चुनाव हुए जिसमें भाजपा ने फिर विजय हासिल की वहीं कांग्रेस का सत्ता में वापसी का सपना साकार नही हो सका।

 

भाजपा को इस बार हालांकि कांग्रेस ने कडी चुनौती दी और उसके बस्तर एवं सरगुजा के मजबूत गढों को ढहा दिया पर मैदानी इलाके में मिली करारी हार से आदिवासी इलाकों में मिली जीत उसे सत्ता में नही बैठा सकी। भाजपा की इस कडे मुकाबले में जहां एक सीट कम हो गई वहीं कांग्रेस ने एक सीट पर इजाफा कर लिया।

 

भाजपा एवं कांग्रेस के वोटों में महज 0.75 प्रतिशत ही रह गया। इस बार के चुनाव में भाजपा एवं कांग्रेस के कई दिग्गजों को चुनाव में शिकस्त का सामना करना पडा। रमन मंत्रिमंडल के पांच दिग्गज मंत्री ननकीराम कंवर, चन्द्रशेखर साहू, रामविचार नेताम हेमचन्द्र साहू एवं लता उसेन्डी, विधानसभा अध्यक्ष रहे धरम कौशिक, उपाध्यक्ष नारायण चंदेल तथा कांग्रेस विधायक दल के नेता रहे रविन्द्र
चौबे, उप नेता राम पुकार सिंह चुनाव में शिकस्त खाने वाले प्रमुख है।


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