‘पर्रिकर के सबसे बड़े विरोधी अपनी ही पार्टी में’

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Sunday, December 29, 2013-6:45 PM

पणजी: गोवा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली मनोहर पर्रिकर सरकार को गठित हुए 22 महीने हुए हैं और इस दौरान पार्टी के भीतर से ही तख्ता पलटने के आठ प्रयास हो चुके हैं। यह बात नवनियुक्त गोवा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जॉन फर्नांडीज ने कही। जॉन का कहना है कि पर्रिकर के विरोधी उन्हीं के पार्टी के विधायक हैं तथा इससे उनका (जॉन) काम और आसान हो जाता है।

जॉन ने आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘मुख्य विपक्षी दल के अध्यक्ष के तौर पर मैं बहुत भाग्यशाली हूं। पर्रिकर के लिए मुख्य विरोधी कांग्रेस नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही पार्टी के विधायक हैं। मार्च, 2012 के बाद से अब तक पर्रिकर को गद्दी से हटाने की आठ बार कोशिशें की जा चुकी हैं।’’ गोवा के अस्थिर राजनीतिक इतिहास पर गौर करें तो 1990-2000 के बीच के दशक में राज्य में 15 मुख्यमंत्री बने, और राज्य में तख्तापलट की घटना सामान्य बात रही है। पिछले वर्ष के विधानसभा चुनाव में 21 सीटें जीतकर साधारण बहुमत पाने और दो स्थानीय राजनीतिक दलों एवं निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सत्ता में आने के बाद से ही पर्रिकर के नेतृत्व पर सवाल उठते रहे हैं।

पिछले दिनों राज्य की खनन लॉबी से समर्थन प्राप्त विधायकों के बीच फिर से कुछ इसी तरह के स्वर सुनाई दिए। भाजपा विधायक विष्णु वाघ द्वारा पिछले दिनों लगातार पर्रिकर के निर्णयों एवं कार्यप्रणाली की आलोचना किए जाने के कारण भी मुख्यमंत्री की छवि धूमिल हुई है। वाघ द्वारा लगातार किए गए आक्रमणों के फलस्वरूप पिछले सप्ताह पार्टी कार्यकर्त्ताओं ने प्रतिक्रिया में उनकी कार पर पथराव कर दिया। विपक्षी पार्टी द्वारा आयोजित एक सांस्कृतिक समारोह से लौटते समय वाघ के साथ यह वाकया हुआ।

जॉन ने आगे कहा, ‘‘भाजपा द्वारा आयोजित एवं खूब लोकप्रिय हुए ‘रन फॉर युनिटी’ कार्यक्रम के अगले ही दिन पार्टी कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के विधायक के साथ मारपीट की। पर्रिकर की कार्यप्रणाली ऐसी है कि उनकी पार्टी के भीतर से ही विस्फोट होगा। भाजपा के भीतर असुरक्षा बहुत गहरे घर कर चुकी है।’’ जॉन ने कहा कि पिछले दिनों एक नाइजीरियाई नागरिक की हत्या के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति, मादक पदार्थों के माफियाओं के बीच मारपीट और विधायकों पर सार्वजनिक तौर पर हमले जैसी घटनाओं ने गोवा की छवि को बुरी तरह प्रभावित किया है। जॉन ने यह भी कहा कि शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) के आगामी लोकसभा चुनाव में गोवा के राजनीतिक परिदृश्य में उभरने की कोई उम्मीद नहीं है।


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