‘कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में नए चेहरों पर प्रयोग करने की जरूरत’

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Monday, December 30, 2013-11:19 PM

नई दिल्ली: आगामी चुनाव में कांग्रेस के सामने दस साल के उसके शासन विरोधी लहर चलने की आशंका के बीच पार्टी के एक खेमा का मानना है कि नेतृत्व को दिल्ली जैसे राज्यों में स्वच्छ छवि वाले नये चेहरे पर प्रयोग करना चाहिए जहां उसे हार की आशंका है। पार्टी के एक नेता ने कहा, ‘‘इससे एक संदेश जाएगा कि हम पुरानी तरह की राजनीति से बाहर निकल रहे हैं। पिछली बार भी, कुछ युवा सांसदों का निर्वाचन सुर्खिया बनी थी। हमें इस बार इसे ज्यादा करने की जरूरत है। पार्टी को जोखिम लेना चाहिए।’’

पार्टी का यह खेमा महसूस करता है कि दिल्ली में आप की जीत के कारणों में एक यह था कि उसने मतदाता को ताजे विकल्प उपलब्ध कराए क्योंकि वह उन्हें प्रतिनिधित्व करने वाले परंपरागत नेताओं से उब चुका था। इस नेता का मानना है कि बदलाव का संदेश दिल्ली से आना चाहिए जहां पार्टी पेशेवर क्षेत्रों के युवा चेहरे को उतारकर प्रयोग कर सकती है।

उसने यूआईडीएआई के प्रमुख नंदन नीलेकणि का उदाहरण दिया जो बेंगलूर दक्षिण सीट से लोकसभा चुनाव लड़ सकते हैं। उसने कहा कि जनता में स्वच्छ छवि वाले ऐसे प्रतिभागियों से कांग्रेस की संभावना बढ़ सकती है खासकर ऐसे समय में जब शहरी मध्यवर्ग में राजनीतिक प्रक्रिया में सहभागिता की आकांक्षा बढ़ रही है।

नेता ने कहा कि जिन नेताओं के अपनी लोकसभा सीटें जीतने की अच्छी संभावना है, उनको यदि छोड़ दिया जाए तो सभी वर्तमान सांसदों को दोहराने की जरूरत नहीं है। खुद ही राजनीतिक परिवार से जुड़े और जमीनी स्तर पर काम कर चुके इस नेता ने कहा कि यदि शीर्ष नेताओं के रिश्तेदार को 2014 के चुनाव में टिकट नहीं दिया जाए तो इससे सकारात्मक संकेत जाएगा।


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