अनुच्छेद 370, धनलाभ, किश्तवाड दंगों का मुद्दा छाया रहा जम्मू कश्मीर में

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Tuesday, December 31, 2013-12:14 PM

जम्मू: जम्मू-कश्मीर में बीते वर्ष सेना द्वारा राजनेताओं को धनलाभ पहुंचाए जाने संबंधी पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल वी के सिंह के आरोपों से लेकर किश्तवाड दंगो और संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने की मांगो का मुद्दा सुर्खियों में रहा। संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को दिल्ली की तिहाड जेल में फांसी, पाकिस्तान के कोट लाकहोट जेल में भारतीय कैदी चमेल सिंह की हत्या और जम्मू स्थित कोट भलावल जेल में पाकिस्तानी कैदी सनाउल्ला को साथी कैदियों द्वारा फांसी पर लटका दिए जाने जैसी घटनाओं ने भी राज्य के राजनीतिक परिदृश्य पर अपनी जगह बनाएं रखी।

अफजल,चमेल और सनाउल्ला की मौत के मुद्दे को विभिन्न दलों द्वारा राजनीतिक तूल दिये जाने के बीच पूर्व जनरल वी के सिंह द्वारा जम्मू कश्मीर के मंत्रियों को सेना की ओर धनराशि दिए जाने संबंधी आरोपों ने एक नया बवाल खडा कर दिया। इसी के साथ ही नित नए विवादों के दावानल में सुलगते जम्मू-कश्मीर में संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाए जाने संबंधी मांगो ने इस आग में घी डालने का काम किया। अफजल गुरू को फांसी के मुद्दे को भुनाने के लिये प्रमुख क्षेत्रीय दल राज्य में सत्तारूढ नेशनल कांप्रेंस और प्रमुख विपक्षी दल पीपुल्स डेमोक्रेटिक प्रंट (पीडीपी) भी उस समय एक ही प्लेटफार्म पर एक साथ नजर आए जब उन्होंने अफजल का शव उसके परिजनों को सौंपे जाने की मांग की।

पीडीपी के संयोजक  मुफ्ती मोहम्मद सईद और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी इस मंशा को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी पत्र लिखा। चमेल सिंह को फांसी पर लटकाकर मार डालने की घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई, नेशनल पेंथर्स और अन्य दल हंगामा करने में पीछे नहीं रहे। प्रदेश विधानसभा में उस समय माहौल और गर्माया जब जम्मू जेल में पाकिस्तानी कैदी सनाउल्ला के साथ भी इसी तरह के बर्ताव की घटना सामने आई।


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