2013 वर्ष की कड़वाहट को नहीं भुला पाएंगे मुजफ्फनगरवासी

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Tuesday, December 31, 2013-4:31 PM

मुजफ्फरनगर: देश के मानचित्र पर गुडखांडसारी की मिठास और आपसी सौहाद्र्र की वजह से मोहब्बत नगर के नाम से पहचान बनाने वाले मुजफ्फनगर जिले के लोगों के लिए कवाल गांव की घटना और गन्ना किसानों की परेशानी के कारण बीता वर्ष कड़वाहट भरा रहा। जिले के जानसठ इलाके के कवाल गांव में 27 अगस्त को छेड़छाड़ को लेकर हुई दुखद घटना के बाद सात सितम्बर को नगला मंदौड में पंचायत के बाद अचानक भड़की साम्प्रदायिक हिंसा ने गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की भावना को तार-तार कर एक दूसरे को खून का प्यासा बना दिया।

इस घटना ने जहां एक दूसरे के विश्वास को तोड़ा वहीं नफरत की आग पड़ोसी जिलों में फैल गई। कवांल की घटना के बाद दोनों सम्प्रदायों के बीच हुई हिंसा को काबू करने के लिए जिला प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में सेना बुलानी पड़ी। ऐसा मंजर आजादी के समय भी इस क्षेत्र में देखने को नहीं मिला। इस घटना में कई निर्दोष लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और बड़े पैमाने पर सम्पति को नुकसान पहुंचा।


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