सत्र शुरू, नवनिर्वाचित विधायकों ने ली शपथ

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Wednesday, January 01, 2014-7:25 PM

नई दिल्ली (ताहिर सिद्दीकी) : नवगठित पांचवीं दिल्ली विधानसभा का पहला सत्र बुधवार से शुरू हो गया। सात दिवसीय यह सत्र 7 जनवरी तक चलेगा। पहले दिन 70 सदस्यीय विधानसभा में 68 विधायकों ने शपथ ली।

इस दौरान विधानसभा में लघु भारत का नजारा देखने को मिला। हिन्दी के अलावा संस्कृत, मैथिली, उर्दू, पंजाबी व अंग्रेजी में भी कुछ विधायकों ने शपथ ली। दो विधायक कांग्रेस के जयकिशन और आप के दिनेश मोहनिया शपथ नहीं ले पाए। इन्हें वीरवार को शपथ दिलाई जाएगी।

इससे पहले सुबह 11 बजे विधायकों को शपथ दिलाने के लिए उपराज्यपाल नजीब जंग ने राजनिवास में चौधरी मतीन अहमद को कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष की शपथ दिलाई। मतीन ने अपराह्न 2 बजे से नवनिर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाई।

सबसे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने  शपथ ली। इसके बाद उनके कैबिनेट सहयोगियों क्रमश: मनीष सिसौदिया, सोमनाथ भारती, सौरभ भारद्वाज, राखी बिड़ला, सत्येंद्र कुमार जैन व गिरीश सोनी ने शपथ ली। मुख्यमंत्री ने शपथ लेने के बाद भाजपा और कांग्रेस के वरिष्ठ विधायकों से हाथ भी मिलाए।

हालंकि कुछ ही देर में मुख्यमंत्री सदन से बाहर चले गए और फिर लौटकर नहीं आए। इस पर भाजपा के वरिष्ठ विधायक साहिब सिंह चौहान ने इसे सदन का अपमान बताया। उन्होंने केजरीवाल के सदन से बाहर रहने पर नाखुशी जताई।

असल में, केजरीवाल दिल्ली सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक करने के लिए निकल गए थे। उनके जाने के कुछ देर बाद ही मनीष सिसौदिया भी सदन से बाहर चले गए। करीब एक घंटे तक चले शपथ दिलाने की कार्यवाही के दौरान भाजपा, आप व कांग्रेस समेत अन्य दलों के विधायकों ने बारी-बारी से शपथ ली।

विधानसभा का बदला-बदला था नजारा:
पिछले 15 साल से जिस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित बैठा करती थीं, आज उस सीट पर मौजूदा मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बैठे हुए थे। पूर्व मुख्यमंत्री की बगल वाली सीट पर बैठने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. अशोक कुमार वालिया की सीट पर केजरीवाल सरकार में सबसे ताकतवर मंत्री मनीष सिसौदिया बैठे हुए थे।

डेढ़ दशक से सत्तापक्ष की बेंच पर बैठते आ रहे कांग्रेस के विधायकों की जगह आप के विधायक बैठे थे। कांग्रेसी विधायकों को केजरी बेंच के बगल में जगह दी गई थी। जबकि15 साल से विपक्ष के बेंच पर बैठते आ रहे भाजपा के सदस्य वहीं पर बैठे हुए थे।

मुख्यमंत्री अपनी पुरानी कार से आए विधानसभा:
 मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपराह्न 2.50 मिनट पर विधानसभा पहुंचे। वह अपनी पुरानी नीले रंग की वैगन आर कार से पहुंचे थे। उनके साथ उनके परिवार के कुछ सदस्य भी थे। शिक्षा एवं लोक निर्माण मंत्री मनीष सिसौदिया टाटा सफारी में पहुंचे थे।

इस पर मीडियाकर्मियों ने आप मंत्री के टाटा सफारी की सवारी करने पर सवाल पूछे तो उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या आम आदमी अपने निजी वाहन से नहीं चलते? उन्होंने कहा कि आम आदमी भी अपने निजी वाहन में चलते हैं। जहां आप के कई विधायक अपने वाहन में आए तो कई मेट्रो व दूसरे साधनों से विधानसभा पहुंचे।

 गर्मजोशी से विधायकों ने मिलाया हाथ:
नवगठित विधानसभा के पहले दिन के माहौल को देखकर एक पल के लिए भी अहसास नहीं हो रहा था कि सदन में गर्मजोशी से हाथ मिलाने वाले नेता कल तक एक-दूसरे के खिलाफ आग उगल रहे थे। कई विधायक इतने उत्साहित थे कि कि सदन शुरू होने से काफी पहले ही सदन में जा बैठे।

परम्परागत वस्त्र डाले ये विधायक विधानसभा में सभी के लिए आकर्षण के केंद्र बने हुए थे। सदन में शपथ लेते वक्त भी कई मौकों पर हंसी के फव्वारे छूटते रहे। विधानसभा चुनाव के बाद पहला सत्र होने की वजह से विधानसभा भवन को फूलों से सजाया गया था।


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