इंदिरा के नक्शेकदम पर चल रहे केजरीवाल

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Thursday, January 02, 2014-2:55 AM

नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने वह कर दिखाया जो शीला दीक्षित तथा भाजपा 20 सालों में अपने शासनकाल में नहीं कर पाईं। केजरीवाल ने दिल्ली वासियों को दिखा दिया कि जनता को नि:शुल्क जल तथा पावर टैरिफ में 50 प्रतिशत की कटौती 2 दिन में हल किया जा सकता है, जिसके लिए 20 सालों के अच्छे प्रशासन की जरूरत नहीं।
 
शपथ ग्रहण से पहले केजरीवाल दोहरा रहे थे कि उनके पास जादू की छड़ी नहीं मगर ये दोनों मुश्किलों उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही 2 दिन में हल कर डाली। 666 लीटर जल प्रत्येक घर में प्रतिदिन नि:शुल्क दे दिया तथा बिजली के बिलों में 50 प्रतिशत कटौती कर दी। आश्चर्यजनक बात यह है कि जल सबसिडी बिल सरकार पर 160 करोड़ प्रति वर्ष महंगी पड़ेगी। यहां तक कि 160 करोड़ को मात्र 60 करोड़ प्रति वर्ष कम किया जाएगा क्योंकि बोर्ड ने वाटर चार्जिस 10 प्रतिशत बढ़ा दिए हैं। क्या 20 हजार लीटर नि:शुल्क जल लोगों को उपलब्ध करवाना लोगों की आंखों में धूल झोंकना या फिर केजरीवाल लोगों से किए वायदों को पूरा करने में समर्थ रहे हैं।

 हालांकि केजरीवाल ने स्पष्ट नहीं किया कि 10 प्रतिशत वाटर चार्जिस प्राप्त करने के बाद दिल्ली जल बोर्ड कितना अतिरिक्त राजस्व प्राप्त करेगा। पता चला है कि यह प्रतिवर्ष करीब 100 करोड़ रुपए होगा। ‘आप’ ने अपने घोषणा पत्र में वायदा किया है कि किसी भी घरेलू उपभोक्ता के लिए वह वाटर चार्जिस बढ़ौतरी के विरुद्ध है मगर इस 10 प्रतिशत बढ़ौतरी के कारण 12 लाख घरों को 100 से 500 रुपए प्रतिमाह अदा करने होंगे। केवल 8 लाख घरों को इसका फायदा होगा। केजरीवाल ने यह वायदा किया कि वह वाटर टैंकर माफिया जो कि इस व्यवसाय से 700 करोड़ प्रतिवर्ष कमा रहा है, पर नकेल कसेंगे। उन्होंने यह भी वायदा किया कि वह पूरी दिल्ली को पाइप से पीने योग्य जल उपलब्ध करवाएंगे मगर यह घोषणा कब हुई, पता नहीं। वास्तव में अरविन्द केजरीवाल ने नया कुछ भी नहीं किया। उन्होंने वही किया जो इंदिरा गांधी 70 के दशक में भारत की गरीब जनता के लिए कर चुकी हैं।

उन्होंने कहा था, ‘‘वे कहते हैं कि इंदिरा हटाओ, मैं कहती हूं कि गरीबी हटाओ।’’ इंदिरा ने गरीबों के लिए स्कीमों को कामयाब करने हेतु सरकारी खजाना खोल दिया और हजारों करोड़ रुपए बांटे। मुफ्त बिजली और पानी की लहर पर सवार हो 1987 में सत्तासीन हुई शक्तियों ने उत्पात मचाया था। केजरीवाल इंदिरा के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। 50 प्रतिशत दिल्ली वासी केजरीवाल के नि:शुल्क जल से फायदा उठाएंगे मगर भाजपा इसकी पालना नहीं कर सकती क्योंकि उसने तो ‘आप’ का घोषणा पत्र नहीं अपनाया था। अब कांग्रेस इस मुश्किल में है क्योंकि अब पूरे देश में जल/बिजली दरों में कटौती की मांग जोर पकडऩे वाली है। हरियाणा यह कर चुका है, महाराष्ट्र कर सकता है। सोनिया गांधी ने किसानों का कर्ज माफ किया और मनरेगा दिया। केजरीवाल 28 लाख घरों को नहीं 8 लाख को नि:शुल्क जल दे रहे हैं।


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