उप्र सरकार दंगा पीड़ितों को राहत शिविरों से निकालने की कोशिश कर रही है: बसपा

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Thursday, January 02, 2014-11:07 AM

मुजफ्फरनगर: बसपा ने आरोप लगाया है कि उत्तर प्रदेश सरकार इस भरे जाड़े में दंगा पीड़ितों को राहत शिविरों से निकालने की कोशिश कर रही है। बसपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्या ने यह आरोप भी लगाया कि पिछले वर्ष सितंबर में मुजफ्फरनगर में भड़के दंगों के पीछे भाजपा और सपा का हाथ था। दंगों में 60 व्यक्ति मारे गए थे। मौर्या ने बसपा के पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दिकी, राज्य बसपा अध्यक्ष राम अचल राजभर, बसपा के सांसदों मुंकद अली और कादिर राणा के साथ कल कांधला, मलकपुर, बरनावी और शामली जिले के संजक राहत शिविर का दौरा किया। मौर्या ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार इस भीषण जाड़े में लोगों को राहत शिविरों से निकालने का प्रयास कर रही है।

नेता ने संजक राहत शिविर में पीड़ितों को कंबल भी बांटे। इससे पूर्व 31 दिसंबर को लोई गांव में रूके 483 दंगा प्रभावित परिवार ‘‘सुरक्षित स्थानों’’ पर चले गए। मुजफ्फरनगर जिले में अब कोई राहत शिविर नहीं बचा है, जबकि निकटवर्ती शामली में चार शिविर बचे हैं। सितंबर में दंगे भड़कने के बाद से लोई शिविर में 510 से ज्यादा परिवार रह रहे थे। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक उच्च स्तरीय समिति के अनुसार 12 वर्ष से कम उम्र के कम से कम 34 बच्चों की मुजफ्फरनगर और शामली जिलों के राहत शिविरों में मौत हो चुकी है। पिछले वर्ष सितंबर में मुजफ्फरनगर और उसके आसपास के इलाकों में सांप्रदायिक हिंसा में 60 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 40,000 से ज्यादा बेघर हुए थे।
 


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