विस में सिखों का दबदबा बढ़ा तो शिक्षित महिलाएं हुईं कम

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Thursday, January 02, 2014-11:12 AM

नई दिल्ली (कुमार गजेन्द्र): दिल्ली विधानसभा में इस बार पूरा नजारा ही बदला हुआ दिखाई दिया। सत्ता की ओर वाली कुर्सियों पर सभी चेहरे एकदम नए थे। विधानसभा सदन में पहले जहां मात्र 4 ही सिख सरकार के मंत्री अरविंदर सिंह लवली, प्रहलाद सिंह साहनी, अरविंदर सिंह और जंगपुरा से विधायक तरविंदर मारवाह दिखाई देते थे, वहीं इस बार 9 सिख विधानसभा में पहुंचे हैं।

उधर महिलाओं की संख्या तो पहले के बराबर ही है, लेकिन पहले जहां तीनों महिलाएं बेहद शिक्षित थीं, इस बार जीतकर आईं महिलाओं की शिक्षा का पैमाना कम हुआ है।  पहले विधानसभा के अंदर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अलावा मालवीय नगर से विधायक और कांग्रेस की मंत्री प्रोफेसर किरन वालिया और  आरके पुरम से विधायक व दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बरखा सिंह तीनों ही उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाएं थीं, वहीं इस बार आप के टिकट पर जीतकर आई मंगोलपुरी से विधायक और आप की सरकार में मंत्री बनी राखी बिड़ला खुद को एमए मास कॉम बताती हैं।

वंदना कुमारी मात्र ग्रेजुएट हैं और पटेल नगर से कांग्रेस के राजेश लिलोठिया को हराकर विधानसभा पहुंची बीना आनंद ज्यादा पढ़ी लिखी नहीं हैं। इनमें भी अरविंद केजरीवाल ने सिर्फ राखी पर ही विश्वास जताया है। सिखों के मामले में भी इस बार विधानसभा गुलजार दिखाई दे रही है। जीतकर आने वाले सिखों में कांग्रेस के पूर्व मंत्री और गांधी नगर से विधायक अरविंदर सिंह लवली, चांदनी चौक से जीतकर आए प्रहलाद सिंह साहनी हैं।

आम आदमी पार्टी के टिकट पर ही इस बार 3 सिख जीतकर आए हैं। इनमें जंगपुरा से कांग्रेस विधायक तरविंदर मारवाह को हराकर आए मनिंदर सिंह धीर, हरिनगर से हरशरण सिंह बल्ली को हराने वाले जगदीप सिंह और तिलक नगर से जीत दर्ज करने वाले जरनैल सिंह शामिल हैं। उधर भाजपा के टिकट पर राजेन्द्र नगर से आरपी सिंह जीते हैं, तो भाजपा के सहयोगी दल अकाली के टिकट पर सबसे ज्यादा सिख जीतकर आए हैं। इनमें राजौरी गार्डन से जीतकर आए मनजिंदर सिंह सिरसा, शाहदरा से जीतकर आए जितेन्द्र सिंह शंटी कालकाजी से जीतकर आए हरमीत सिंह कालका शामिल हैं।


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