अब डंके की चोट पर चलेगी आप की सरकार

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Thursday, January 02, 2014-4:47 PM

नई दिल्ली (अशोक शर्मा): दिल्ली में अब आम आदमी पार्टी की सरकार को आगे बढऩे के लिए हरी झंडी मिल गई है। आप पार्टी की अल्पमत सरकार ने वीरवार को कांग्रेस, जेडीयू और एक निर्दलीय विधायक के समर्थन से आसानी से विश्वास मत हासिल कर ली। विश्वास मत के पक्ष में 37 जबकि विपक्ष में 32 मत पड़े।

विश्वास मत हासिल कर लेने से एक बात तो साफ हो गई है कि छह माह के लिए आप की सरकार को कोई खतरा नहीं है। विश्वास मत पर हुई बहस के दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने इरादों को साफ करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर किसी को छोड़ा नहीं जाएगा।

दिल्ली के शहरी विकास मंत्री मनीष सिसोदिया ने विधानसभा में पेश किए गए विश्वास मत प्रस्ताव पर करीब साढ़े चार घंटे की चर्चा हुई। बहस का जवाब देते हुए अपने 25 मिनट के संबोधन में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा मैं तीन बातें रखना चाहता हूं। दिल्ली के आम आदमी ने देश को यह बताने में अगुवाई की है कि राष्ट्रीय राजनीति को किस दिशा में बढऩा चाहिए।

केजरीवाल ने कहा कि वह अपनी पार्टी या सरकार के लिए सदस्यों का समर्थन नहीं मांग रहे बल्कि उन मुद्दों पर समर्थन मांग रहे हैं जिनका सामना दिल्ली कर रही है । प्रोटेम स्पीकर मतीन अहमद ने विश्वास मत को ध्वनि-मत से घोषित किया और सदन की कार्यवाही स्थगित करने से पहले मुख्यमंत्री को बधाई दी ।

आप के 28, कांग्रेस के 7, जदयू के एक और एक निर्दलीय विधायक विश्वास मत के समर्थन में खड़े हुए जबकि भाजपा के 31 तथा शिरोमणि अकाली दल के एक विधायक विश्वास मत का विरोध किया था। केजरीवाल ने अपने सम्बोधन के दौरान भाजपा के इस आरोप को गलत बताया कि कांग्रेस का समर्थन लेने के बाद आप ने उसके भ्रष्टाचार की बातेें करनी बंद कर दी हैं।

आम आदमी की परिभाषा बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी वह है जो ईमानदारी और सच्चाई से रहना चाहता है, चाहे वह अमीर हो या गरीब। जो बेईमानी से जीना चाहते हैं, वह खास आदमी हैं। भ्रष्ट राजनीति की वजह से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सड़कों की हालत खराब है।

विकास के नाम पर खर्च किए गए अरबों रुपए आखिर कहां गए? उन्होंने कहा कि राजनीति की सफाई के लिए हमें साथ मिलकर काम करने की जरूरत है। हम राजनीति करने नहीं आए हैं। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि पार्टी बनाकर चुनाव लड़ेंगे। हमें राजनीति में आने, चुनाव लडऩे और अपने कानून बनाने की चुनौती दी गई थी । लड़ाई नामुमकिन थी । जीत की संभावना शून्य थी और तब हमने राजनीति में आकर इसे साफ करने का फैसला किया ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी पार्टियों के नेताओं ने हमें चुनाव लडऩे के लिए ललकार कर जिंदगी की सबसे बड़ी भूल की थी। उन्होंने कहा था कि चुनाव लड़कर दिखाओ। उसी दौरान आम आदमी ने पार्टी बनाकर चुनाव लडऩे का निश्चिय कर यह प्रण लिया कि हम सच्चाई के मार्ग पर चलेंगे। चुनाव के दौरान दूसरी पार्टी के नेता मजाक उड़ाते थे, लेकिन भगवान ने बहुत साथ दिया।

वहीं विश्वास मत का प्रस्ताव पेश करते हुए सिसोदिया ने सदस्यों से अनुरोध किया कि वे राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर दिल्ली की जनता के लिए एक नए प्रशासन के हित में सरकार का समर्थन करें । उन्होंने कहा हम कोई पार्टी नहीं हैं । हम जनप्रतिनिधि हैं । मैं सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि वे पार्टी लाइन से उपर उठकर दिल्ली के लोगों के लिए एक वैकल्पिक प्रशासन का समर्थन करें ।

उन्होंने कहा हम यहां विकास के लिए हैं । हम देश की राजनीति को स्वच्छ बनाने आए हैं । हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि दिल्ली के लोगों को पीने के लिए साफ पानी और सस्ती बिजली मिले । हम यहां दिल्ली के व्यापारियों, किसानों और नौजवानों के लिए हैं । हम दिल्ली के लोगों के लिए सुविधाओं में सुधार करेंगे ।


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